चीन में 'वॉल-हैंगिंग यूथ': बेरोजगारी और जीवनशैली का नया ट्रेंड
चीन में युवाओं के बीच नया ट्रेंड
चीन में युवाओं के बीच 'वॉल-हैंगिंग यूथ' नामक एक नया इंटरनेट शब्द तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। यह उन युवाओं को संदर्भित करता है, जो स्थायी नौकरी और नियमित आय के बिना जीवन यापन कर रहे हैं। कई युवा छोटे-मोटे या पार्ट टाइम काम करके पैसे कमाते हैं और फिर कुछ दिनों तक काम से दूर रहते हैं। बाहरी नजर से यह आलसीपन प्रतीत हो सकता है, लेकिन इसके पीछे बेरोजगारी, कम आय और भविष्य की अनिश्चितता जैसी समस्याएं हैं।
पारंपरिक करियर से दूरी
रिपोर्टों के अनुसार, 'वॉल-हैंगिंग यूथ' चीन में एक नया इंटरनेट शब्द है, जो उन युवाओं की स्थिति को दर्शाता है, जो पारंपरिक करियर और स्थायी नौकरी से दूर हैं। इनमें वे युवा भी शामिल हैं, जिन्होंने विश्वविद्यालय की पढ़ाई पूरी की है, लेकिन उनके पास स्थायी नौकरी नहीं है। कुछ लोग पार्ट टाइम या छोटे काम करके अपनी आवश्यकताएं पूरी करते हैं, जबकि अन्य काम मिलने तक परिवार या दोस्तों पर निर्भर रहते हैं।
काम और आराम का संतुलन
इस ट्रेंड से जुड़ी एक चर्चा यह भी है कि कुछ युवा एक दिन काम करते हैं और फिर कई दिन 'लेट फ्लैट' रहते हैं। 'लेट फ्लैट' का मतलब है कि वे लगातार काम और करियर की दौड़ से दूरी बनाकर कम जरूरतों के साथ जीवन जीते हैं। हालांकि, हर युवा के लिए इसके पीछे की वजह अलग हो सकती है। कुछ इसे अपनी पसंद की जीवनशैली मानते हैं, जबकि दूसरों के लिए यह बेरोजगारी या आर्थिक मजबूरी का परिणाम है।
गुओ जिहाओ की कहानी
साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की एक रिपोर्ट में 29 वर्षीय गुओ जिहाओ की कहानी का उल्लेख किया गया है। गुओ, जो दक्षिण चीन के शेनझेन में रहते हैं, एक समय बेहद कठिन आर्थिक स्थिति में थे। रिपोर्ट के अनुसार, कई महीनों तक 24 घंटे खुले रहने वाले बिलियर्ड हॉल उनके लिए अस्थायी ठिकाने के रूप में काम करते थे। उस समय उनके पास केवल 20 युआन, यानी लगभग 3 अमेरिकी डॉलर बचे थे। गुओ के अनुसार, उस समय केवल पैसे की कमी नहीं थी, बल्कि हर पल कठिनाइयों का सामना करना पड़ता था।
शिक्षा के बावजूद अस्थिरता
गुओ की कहानी इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि उनका परिवार आर्थिक रूप से मजबूत था और उन्होंने इकोनॉमिक्स और मैनेजमेंट की पढ़ाई की थी। डिग्री प्राप्त करने के बाद, उनके सामने स्थायी नौकरी और बेहतर भविष्य का सामान्य सपना था। लेकिन पढ़ाई और पारिवारिक पृष्ठभूमि के बावजूद, उनकी आर्थिक स्थिति में अस्थिरता आई। यह कहानी इस बात को भी उजागर करती है कि डिग्री हासिल करना स्थायी रोजगार और आर्थिक सुरक्षा की गारंटी नहीं है।
क्या युवा काम से बचना चाहते हैं?
'वॉल-हैंगिंग यूथ' शब्द को देखकर ऐसा लगता है कि चीन के युवा काम से बचना चाहते हैं। लेकिन इस स्थिति को केवल आलसीपन के नजरिए से देखना पूरी तस्वीर नहीं बताता। स्थायी नौकरी की कमी, कम वेतन, बढ़ते खर्च और भविष्य की अनिश्चितता युवाओं के निर्णयों को प्रभावित कर सकती है। कुछ युवा कम काम और कम खर्च वाली जिंदगी को अपनी पसंद मानते हैं, जबकि दूसरों के लिए छोटे-मोटे काम करना बेरोजगारी के बीच गुजारे का एक तरीका हो सकता है।
सोशल मीडिया का प्रभाव
ऐसी जीवनशैली पहले भी मौजूद रही होगी, लेकिन सोशल मीडिया ने इसे 'वॉल-हैंगिंग यूथ' नाम देकर चर्चा में ला दिया है। यह शब्द उन युवाओं की स्थिति को उजागर करता है, जो न तो पूरी तरह पारंपरिक करियर की दौड़ में हैं और न ही पूरी तरह उससे बाहर। इसके पीछे आर्थिक परिस्थितियों के साथ युवाओं की बदलती प्राथमिकताएं भी हो सकती हैं। कुछ युवा लगातार काम और प्रतिस्पर्धा से उत्पन्न दबाव को कम करना चाहते हैं, जबकि कुछ स्थायी अवसरों की कमी के कारण इस तरह की जिंदगी जी रहे हैं।
