जयपुर में शिव मंदिर में भक्ति संगीत को लेकर विवाद, पुजारी पर हमला
जयपुर में मंदिर में विवाद
जयपुर के निवारू रोड पर स्थित गणेश नगर मेन क्षेत्र में शुक्रवार की शाम एक शिव मंदिर में भक्ति संगीत की आवाज को लेकर विवाद उत्पन्न हुआ। पुलिस के अनुसार, यह घटना लगभग 7:45 बजे हुई, जब मंदिर में धार्मिक अनुष्ठान के दौरान संगीत बजाया जा रहा था।
विवाद की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, विवाद तब शुरू हुआ जब पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने संगीत की आवाज को लेकर आपत्ति जताई। शुरुआत में यह मामला बातचीत और बहस तक सीमित रहा, लेकिन जल्द ही यह विवाद बढ़ गया।
CCTV फुटेज में घटना का विवरण
घटना मंदिर में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। फुटेज में एक व्यक्ति पुजारी के साथ बहस करता हुआ दिखाई दे रहा है। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ता है, और आरोपी द्वारा पुजारी को जमीन पर गिराकर कथित तौर पर लात-घूंसों से हमला किया जाता है।
पुजारी की शिकायत
घटना के अगले दिन, शनिवार को, पुजारी रामकृष्ण करधनी थाने पहुंचे और अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया कि वह शिव मंदिर के पुजारी हैं और पड़ोस में रहने वाले हरीश चतुर्वेदी, देवांश और रितु पर विवाद में शामिल होने का आरोप लगाया। उनके अनुसार, मंदिर में भक्ति संगीत की आवाज को लेकर पहले बहस हुई और फिर मामला मारपीट तक पहुंच गया।
दूसरे पक्ष की शिकायत
जयपुर में तेज आवाज में लाउडस्पीकर पर आरती बजाने को लेकर विवाद का मामला सामने आया है। आरोप है कि पड़ोस में रहने वाले एक छात्र ने मंदिर के पुजारी के साथ मारपीट की। मामले को लेकर पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई पर नजर है।#JaipurNews #RajasthanNews #BreakingNews #ViralNews… pic.twitter.com/WDnnMmksEy
— News Media 24x7 (@IndiaDaily_24X7) September 29, 2026
करधनी थाना पुलिस ने पुजारी की शिकायत के आधार पर हरीश और देवांश को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दूसरे पक्ष की ओर से भी शिकायत दर्ज की है। पुलिस का कहना है कि दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है और साक्ष्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया
घटना के बाद पुजारी के परिवार और स्थानीय निवासियों में नाराजगी देखी गई। रविवार को कई लोग करधनी थाने के बाहर इकट्ठा हुए और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने पुलिस को ज्ञापन भी सौंपा। पुलिस ने आश्वासन दिया कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।
