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तेलंगाना में मगरमच्छ के सामने पुजारी ने किया पूजा, भक्तों में मची अफरातफरी

तेलंगाना के बीचुपल्ली में कृष्णा नदी के पुष्कर घाट पर एक मगरमच्छ के अचानक आने से भक्तों में अफरातफरी मच गई। पुजारी अनिल शर्मा ने मगरमच्छ के सामने पूजा की, जिसे उन्होंने धार्मिक महत्व का बताया। घटना के बाद वन विभाग ने मगरमच्छ को सुरक्षित रूप से नदी में वापस छोड़ दिया। जानें इस अनोखी घटना के बारे में और क्या हुआ जब भक्तों ने मगरमच्छ को देखा।
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मगरमच्छ की अचानक घाट पर उपस्थिति


रविवार दोपहर तेलंगाना के बीचुपल्ली में कृष्णा नदी के पुष्कर घाट पर एक मगरमच्छ अचानक घाट की ओर बढ़ता हुआ दिखाई दिया। छुट्टियों के कारण अंजनेय स्वामी मंदिर और नदी किनारे बड़ी संख्या में भक्त और पर्यटक मौजूद थे। मगरमच्छ को देखकर लोग घबरा गए और वहां से भागने लगे।


मगरमच्छ का इमारत में घुसना

मगरमच्छ जब घाट के पास पहुंचा, तो वह एक नजदीकी इमारत में घुस गया, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई। इस घटना की सूचना मिलने पर पुलिस और वन विभाग को तुरंत जानकारी दी गई।


पुजारी ने मगरमच्छ के सामने शुरू की पूजा

इस बीच, मंदिर के पुजारी अनिल शर्मा ने एक अनोखी पूजा की। सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो में पुजारी मगरमच्छ के सामने बैठकर मंत्रों का जाप करते हुए नजर आ रहे हैं। उन्होंने मगरमच्छ का अभिषेक किया और पूजा-पाठ भी किया। उनका कहना था कि मगरमच्छ का धार्मिक महत्व है और इसे वर्षा के देवता भगवान वरुण का वाहन माना जाता है।


मगरमच्छों की गतिविधियों में वृद्धि

यह घटना हाल की बारिश के बाद हुई, जब कृष्णा नदी में मगरमच्छों की गतिविधियों में वृद्धि की सूचना मिली थी। पुलिस ने पहले ही नदी के आसपास आने वाले भक्तों और पर्यटकों को सावधानी बरतने की सलाह दी थी। बीचुपल्ली का पुष्कर घाट धार्मिक गतिविधियों और पर्यटकों के लिए एक प्रमुख आकर्षण है।


छुट्टियों के दौरान यहां लोगों की संख्या बढ़ जाती है, जिससे नदी के किनारे मगरमच्छ का पहुंचना सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बन गया। घटना की सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय मछुआरों की मदद से मगरमच्छ को पकड़ लिया। उसे रस्सियों की मदद से काबू में किया गया और बाद में सुरक्षित रूप से कृष्णा नदी में वापस छोड़ दिया गया। अधिकारियों की कार्रवाई के बाद घाट पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली।