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नागपुर में IAS अधिकारी से मुलाकात पर युवक का सवाल, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो

नागपुर में एक युवक ने IAS अधिकारी से अपॉइंटमेंट की आवश्यकता पर सवाल उठाया, जिससे एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। युवक ने कहा कि सरकारी अधिकारी जनता के सेवक होते हैं, न कि किसी निजी कंपनी के HR। यह घटना मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने की मांग के बीच हुई है। यश गोरखेड़े, जो जन बदलाव पार्टी के संस्थापक हैं, ने इस वीडियो को साझा किया और मजदूरों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने का समर्थन किया। वीडियो पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं, जिससे यह मामला चर्चा का विषय बन गया है।
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नागपुर में IAS अधिकारी से बातचीत का वीडियो


नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में एक युवक और एक IAS अधिकारी के बीच हुई बातचीत का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। युवक ने अधिकारी से मिलने के लिए अपॉइंटमेंट की आवश्यकता पर सवाल उठाया।


उसने कहा कि सरकारी अधिकारी जनता के सेवक होते हैं, न कि किसी निजी कंपनी के मानव संसाधन प्रबंधक, जिससे मिलने के लिए पहले समय लेना पड़े। यह मामला उस आंदोलन के बीच आया है, जिसमें मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने, सम्मान और न्याय की मांग की जा रही है।


IAS अधिकारी से अपॉइंटमेंट पर सवाल

सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में IAS अधिकारी एक कॉन्फ्रेंस टेबल पर बैठे नजर आ रहे हैं। इस दौरान वह नागपुर के युवक यश गोरखेड़े से पूछते हैं कि क्या उसने उनसे मिलने के लिए पहले अपॉइंटमेंट लिया था। यश ने तुरंत उत्तर दिया, 'कैसा अपॉइंटमेंट? आप जनता के सेवक हैं, किसी प्राइवेट कंपनी के HR नहीं। इसलिए मैं बाहर खड़ा था।'


युवक का कहना था कि सरकारी अधिकारियों को आम नागरिकों के लिए सुलभ होना चाहिए और जनता को अपनी समस्याएं बताने के लिए इस तरह की औपचारिकताओं का सामना नहीं करना चाहिए।




मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने के लिए आंदोलन

यह घटना मजदूरों की दिहाड़ी बढ़ाने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच सामने आई है। यश गोरखेड़े जन बदलाव पार्टी के संस्थापक हैं, जो एक क्षेत्रीय राजनीतिक दल है, जिसका मुख्य आधार नागपुर में है।


यश ने इस वीडियो को फेसबुक पर साझा किया और दावा किया कि मजदूरी बढ़ाने की मांग को लेकर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद लोक निर्माण विभाग (PWD) के अधिकारी और ठेकेदार मजदूरों को परेशान कर रहे हैं।


यश गोरखेड़े का मजदूरों के समर्थन में बयान

यश ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया कि मजदूरों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय उनके अधिकारों के लिए आवाज उठाने वाले लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जन बदलाव पार्टी मजदूरों को उचित मजदूरी, सम्मान और न्याय दिलाने की लड़ाई में उनके साथ खड़ी है। उन्होंने यह भी कहा कि मजदूरों की आवाज को दबने नहीं दिया जाएगा और जब तक उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया जाता, तब तक उनका अभियान जारी रहेगा।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

वीडियो के वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर कई लोगों ने यश के सवाल उठाने के तरीके पर प्रतिक्रिया दी। कुछ यूजर्स ने कहा कि सरकारी अधिकारियों को ऐसा व्यवहार नहीं करना चाहिए, जिससे आम लोगों को लगे कि वे जनता के मालिक हैं। वहीं, कुछ लोगों ने अधिकारियों के सामने अपनी बात रखने के लिए यश के आत्मविश्वास की सराहना की।


एक अन्य यूजर ने कहा कि जरूरतमंद लोगों के अधिकारों के लिए ज्यादा से ज्यादा लोगों को आगे आना चाहिए। फिलहाल, यह वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।