Newzfatafatlogo

नॉर्वे के मेयर का गुजरात में ऑटो-रिक्शा चलाने का अनोखा अनुभव

नॉर्वे के मेयर जो इंग हेसेविक ने गुजरात में ऑटो-रिक्शा चलाकर भारतीय संस्कृति का अनोखा अनुभव किया। उनका साधारण और देसी अंदाज सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बन गया है। एक इंजीनियर ने उन्हें पहचानकर उनकी सादगी की तारीफ की। जानें इस दिलचस्प यात्रा के बारे में और कैसे उन्होंने स्थानीय जीवन का अनुभव किया।
 | 

गुजरात में नॉर्वे के मेयर की सादगी


नॉर्वे के फिनमार्क काउंटी के पॉर्सांगर म्यूनिसिपैलिटी के मेयर, जो इंग हेसेविक, अपने भारत दौरे के दौरान गुजरात में ऑटो-रिक्शा चलाते हुए देखे गए। उनका यह साधारण और देसी अंदाज सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान आकर्षित कर रहा है। लोग उनकी सादगी और भारतीय संस्कृति को समझने की कोशिश कर रहे हैं।


इंजीनियर की पहचान

सूत्रों के अनुसार, जो इंग हेसेविक गुजरात के लिमड़ी क्षेत्र में घूम रहे थे, तभी एक इंजीनियर की नजर उन पर पड़ी। प्रारंभ में इंजीनियर ने उन्हें एक सामान्य विदेशी पर्यटक समझा, लेकिन बातचीत के बाद पता चला कि वह नॉर्वे के मेयर हैं।


इंजीनियर का वीडियो

 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 
 


इंजीनियर ने वीडियो में बताया कि उसने गूगल पर हेसेविक की प्रोफाइल देखी और तब उसे पता चला कि वह नॉर्वे के पॉर्सांगर म्यूनिसिपैलिटी के मेयर हैं। उन्होंने उनकी सादगी की प्रशंसा की और कहा कि वह भारत में घूमने के दौरान स्थानीय जीवन का अनुभव कर रहे हैं।


राजनेता की अनोखी शैली

वीडियो में हेसेविक ऑटो-रिक्शा चलाते हुए दिखाई देते हैं, और उनके साथ एक स्थानीय व्यक्ति भी होता है। विदेशी मेहमान का इस तरह स्थानीय परिवहन का उपयोग करना वहां के लोगों के लिए एक दिलचस्प अनुभव रहा।


इंजीनियर ने कहा कि नॉर्वे के इस राजनेता का अंदाज बहुत ही साधारण है। उन्होंने यह भी बताया कि हेसेविक ने भारत में महंगे या पारंपरिक पर्यटन साधनों के बजाय ऑटो-रिक्शा से यात्रा की।


हेसेविक का अनोखा अनुभव

आमतौर पर, विदेशी राजनेताओं के भारत दौरे की तस्वीरों में आधिकारिक बैठकों और कार्यक्रमों की झलक होती है, लेकिन हेसेविक का यह अनुभव इससे काफी अलग था। उन्होंने स्थानीय परिवहन के माध्यम से आम भारतीय जीवन को करीब से समझने की कोशिश की।


सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं

सोशल मीडिया पर इस वीडियो को काफी पसंद किया गया है। कई लोगों ने नॉर्वे के मेयर के सहज व्यवहार और भारतीय संस्कृति को बिना किसी बनावटीपन के अनुभव करने की कोशिश की सराहना की। उनके ऑटो-रिक्शा चलाने का अंदाज भारत के रोजमर्रा के जीवन से जुड़ने का एक अनोखा तरीका माना जा रहा है।