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यशोदा लोढ़ी: एक ग्रामीण महिला की अंग्रेजी सिखाने की प्रेरणादायक कहानी

यशोदा लोढ़ी, कौशांबी की एक साधारण महिला, ने अपनी मेहनत और लगन से अंग्रेजी सीखकर दूसरों को सिखाने का कार्य शुरू किया। प्रियंका चोपड़ा द्वारा उनके वीडियो को साझा करने के बाद उनकी लोकप्रियता में जबरदस्त इजाफा हुआ। यशोदा की कहानी यह दर्शाती है कि कठिनाइयों के बावजूद, आत्मविश्वास और मेहनत से किसी भी लक्ष्य को हासिल किया जा सकता है। जानिए कैसे उन्होंने 'इंग्लिश विद देहाती मैडम' के नाम से पहचान बनाई।
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यशोदा लोढ़ी की अनोखी यात्रा


उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले की यशोदा लोढ़ी इन दिनों सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई हैं। उनकी अंग्रेजी सिखाने की अनोखी विधि और बॉलीवुड अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा द्वारा उनके वीडियो को साझा करने के कारण उन्हें यह पहचान मिली है। यशोदा, जो एक साधारण ग्रामीण पृष्ठभूमि से आती हैं, ने स्वयं अंग्रेजी सीखी और अब अपने अनुभवों के माध्यम से दूसरों को सरल भाषा में अंग्रेजी सिखा रही हैं। उन्हें सोशल मीडिया पर 'इंग्लिश विद देहाती मैडम' के नाम से जाना जाता है।


शिक्षा और आत्मविश्वास का सफर

यशोदा का संबंध कौशांबी के सिराथू क्षेत्र के लोधन का पुरवा गांव से है। उन्होंने 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। शुरुआत में अंग्रेजी बोलना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था, और उन्हें यह भी नहीं पता था कि इसे कैसे सीखा जाए। इसके बाद, उन्होंने महंगे कोर्स या संस्थानों का सहारा लेने के बजाय खुद से अभ्यास करने का निर्णय लिया।


आत्मविश्वास कैसे बढ़ाया?

यशोदा ने अंग्रेजी बोलने वाले लोगों के वीडियो देखे और उनमें बोले गए शब्दों और वाक्यों को बार-बार दोहराया। लगातार सुनने और बोलने का अभ्यास करने से उनके अंदर आत्मविश्वास विकसित हुआ।


YouTube पर सीखने का नया माध्यम

अंग्रेजी में आत्मविश्वास आने के बाद, यशोदा ने 26 दिसंबर 2023 को YouTube चैनल शुरू किया। उनके वीडियो का तरीका पारंपरिक कक्षाओं से भिन्न है, जहां वह कठिन व्याकरण के बजाय रोजमर्रा की जिंदगी में उपयोग होने वाले शब्द और वाक्य सिखाती हैं।


प्रियंका चोपड़ा का समर्थन

यशोदा की लोकप्रियता में तब जबरदस्त इजाफा हुआ, जब प्रियंका चोपड़ा ने उनका एक वीडियो अपने इंस्टाग्राम पर साझा किया। यह उनके लिए एक विशेष क्षण था, क्योंकि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि एक बड़ी फिल्म स्टार उनके कंटेंट को साझा करेंगी। प्रियंका के समर्थन के बाद, यशोदा के वीडियो ने व्यापक दर्शकों तक पहुंच बनाई और उनके इंस्टाग्राम पर 4 लाख फॉलोअर्स भी हो गए।


अपनी पहचान को गले लगाना

यशोदा अपने गांव और पृष्ठभूमि को कमजोरी नहीं मानतीं। 'देहाती मैडम' नाम उनके लिए उनकी जड़ों से जुड़ी पहचान है। उन्होंने जिस भाषा को सीखने में संघर्ष किया, उसी को अब दूसरों के लिए आसान बना रही हैं।


यशोदा की कहानी यह दर्शाती है कि सीखने की इच्छा और मेहनत किसी भी व्यक्ति को आगे बढ़ा सकती है। एक ग्रामीण महिला ने खुद अंग्रेजी सीखी, कैमरे के सामने बोलना सीखा और धीरे-धीरे सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाई। आज, प्रियंका चोपड़ा जैसे बड़े नाम का समर्थन उनके सफर की एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है।