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अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए OPT प्रोग्राम पर भारी फीस का प्रस्ताव, क्या होगा भविष्य?

अमेरिका में उच्च शिक्षा के लिए आने वाले विदेशी छात्रों के लिए एक नई चिंता उभरकर सामने आई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन OPT प्रोग्राम पर एक प्रस्तावित भारी फीस पर विचार कर रहा है, जो छात्रों को पढ़ाई पूरी करने के बाद नौकरी पाने में आर्थिक चुनौतियों का सामना करवा सकता है। इस प्रस्ताव का असर न केवल छात्रों पर, बल्कि अमेरिकी विश्वविद्यालयों और कंपनियों पर भी पड़ सकता है। क्या यह कदम अमेरिका में विदेशी छात्रों की संख्या को प्रभावित करेगा? जानें इस लेख में।
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अमेरिका में विदेशी छात्रों के लिए चिंता का विषय


नई दिल्ली: अमेरिका में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के इच्छुक लाखों विदेशी छात्रों के लिए एक नई चिंता का विषय उभरकर सामने आया है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का प्रशासन एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसके तहत पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में नौकरी करने के इच्छुक अंतरराष्ट्रीय छात्रों को लगभग 1 लाख डॉलर (लगभग 83 लाख रुपये) की फीस चुकानी पड़ सकती है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका में शिक्षा और करियर बनाने की लागत में भारी वृद्धि हो जाएगी।


OPT प्रोग्राम पर संभावित शुल्क

यह प्रस्ताव ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग (OPT) प्रोग्राम से संबंधित है, जो विदेशी छात्रों को अपनी पढ़ाई पूरी करने के बाद अमेरिका में एक से तीन साल तक काम करने की अनुमति देता है। विशेष रूप से विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) से जुड़े छात्रों के लिए यह कार्यक्रम करियर की शुरुआत का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यदि नई फीस लागू होती है, तो छात्रों को नौकरी पाने से पहले ही एक बड़ी आर्थिक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है।


छात्रों पर संभावित प्रभाव

2024 के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 4.19 लाख अंतरराष्ट्रीय छात्र OPT प्रोग्राम के तहत अमेरिका में कार्यरत थे। यदि इतनी बड़ी फीस लागू होती है, तो यह विदेशी छात्रों के अमेरिका में आने की प्रवृत्ति को प्रभावित कर सकती है। इससे उन छात्रों पर सबसे अधिक असर पड़ेगा, जो पढ़ाई के बाद नौकरी कर अपने शिक्षा ऋण या अन्य खर्चों की भरपाई करना चाहते हैं।


विश्वविद्यालयों और कंपनियों के लिए चुनौतियाँ

विदेशी छात्र अमेरिकी विश्वविद्यालयों के लिए एक महत्वपूर्ण आय का स्रोत हैं। यदि छात्रों की संख्या में कमी आती है, तो कई विश्वविद्यालयों की वित्तीय स्थिति पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। इसके अलावा, सिलिकॉन वैली की तकनीकी कंपनियों और वॉल स्ट्रीट की वित्तीय संस्थाओं को भी योग्य अंतरराष्ट्रीय प्रतिभाओं की भर्ती में कठिनाई का सामना करना पड़ सकता है।


H-1B विवाद के बाद नया प्रस्ताव

इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने H-1B वीजा पर भी 1 लाख डॉलर की लेवी लगाने का प्रयास किया था, लेकिन बोस्टन की अदालत ने उस योजना पर रोक लगा दी थी। अब यह माना जा रहा है कि सरकार OPT प्रोग्राम के माध्यम से उसी दिशा में एक नया कदम बढ़ा रही है। हालांकि, इस प्रस्ताव पर अभी होमलैंड सिक्योरिटी विभाग (DHS) में चर्चा जारी है। अंतिम निर्णय व्हाइट हाउस की मंजूरी के बाद ही होगा।