यूक्रेन का रूस के ऊर्जा ठिकानों पर बड़ा हमला: क्या है इसके पीछे की रणनीति?
यूक्रेन और रूस के बीच बढ़ता तनाव
मॉस्को: रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे संघर्ष ने एक नया मोड़ ले लिया है। हाल ही में, यूक्रेन ने रूस के महत्वपूर्ण ऊर्जा केंद्रों पर बड़े पैमाने पर ड्रोन हमले किए। इन हमलों में तेल डिपो और आज़ोव सागर में स्थित दो तेल टैंकरों को आग के हवाले कर दिया गया। यह घटनाक्रम उस समय हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यूक्रेन को अपने शहरों की सुरक्षा के लिए पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के निर्माण का लाइसेंस देने का आश्वासन दिया। हालांकि, यूक्रेन के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इन इंटरसेप्टर मिसाइलों का उत्पादन एक साल या उससे अधिक समय ले सकता है।
रूस के ऊर्जा ढांचे पर यूक्रेन का हमला
यूक्रेन ने रूस के ऊर्जा ढांचे को लगातार निशाना बनाया है। हाल ही में, पश्चिमी रूस के तवेर शहर में एक बड़े तेल डिपो पर ड्रोन हमला किया गया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। क्षेत्र के कार्यवाहक गवर्नर विटाली कोरोल्योव ने इस घटना की पुष्टि की और बताया कि दमकल की टीमें आग बुझाने में कई घंटों तक जुटी रहीं। इसी तरह, दक्षिणी स्टावरोपोल क्षेत्र के व्याज़निकी इलाके में भी एक तेल भंडारण केंद्र पर ड्रोन हमला हुआ। गवर्नर व्लादिमीर व्लादिमीरोव ने कहा कि आग तेजी से फैलने लगी, जिसके चलते आसपास के कई अपार्टमेंट भवनों को खाली कराया गया।
आजोव सागर में तेल टैंकरों पर हमला
रोस्तोव क्षेत्र के गवर्नर यूरी स्लूसर के अनुसार, आज़ोव सागर में दो तेल टैंकरों पर ड्रोन हमले किए गए, जिससे दोनों जहाजों में आग लग गई। इनमें से एक टैंकर लंबे समय तक जलता रहा, जबकि चालक दल के सभी सदस्य सुरक्षित बाहर निकाल लिए गए। हाल के दिनों में इस क्षेत्र में तेल टैंकरों पर हमलों की संख्या में वृद्धि हुई है, और माना जा रहा है कि यूक्रेन का उद्देश्य रूस के कब्जे वाले क्रीमिया तक ईंधन की आपूर्ति को बाधित करना है।
रूस में ईंधन संकट की स्थिति
रूस के विभिन्न हिस्सों में तेल रिफाइनरियों और ऊर्जा प्रतिष्ठानों पर हो रहे हमलों का असर अब आम जनता पर भी दिखाई देने लगा है। कई क्षेत्रों में पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। कुछ स्थानों पर ईंधन की कमी के कारण राशनिंग लागू करनी पड़ी है, और पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। वाहन चालकों को घंटों इंतजार के बाद ईंधन मिल पा रहा है।
ज़ेलेंस्की का बयान
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि रूस के ऊर्जा ढांचे पर हमले उनकी दीर्घकालिक रणनीति का हिस्सा हैं। उनके अनुसार, जब तक मॉस्को युद्ध समाप्त करने के लिए तैयार नहीं होता, तब तक ऐसे अभियान जारी रहेंगे। उन्होंने इसे रूस पर दबाव बनाने का एक तरीका बताया।
दोनों देशों के बीच हमलों का दावा
रूस के रक्षा मंत्रालय ने दावा किया है कि बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने 73 यूक्रेनी ड्रोन को मार गिराया। दूसरी ओर, यूक्रेन की वायु सेना ने कहा कि रूस ने बीती रात उसके विभिन्न क्षेत्रों पर 94 लंबी दूरी के ड्रोन और दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इनमें से 72 ड्रोन को रास्ते में ही निष्क्रिय कर दिया गया या रोक लिया गया, जबकि 19 ड्रोन और दोनों बैलिस्टिक मिसाइलें अपने लक्ष्यों तक पहुंच गईं, जिससे देश के 13 अलग-अलग स्थानों पर नुकसान हुआ।
