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1968 में भारत के हिमालय में देखे गए यूएफओ: अमेरिकी दस्तावेजों में खुलासा

हाल ही में अमेरिकी सरकार द्वारा जारी किए गए डीक्लासिफाइड यूएफओ दस्तावेजों में 1968 में भारत के हिमालयी क्षेत्रों में देखी गई अज्ञात उड़ती वस्तुओं का उल्लेख है। इन घटनाओं ने स्थानीय निवासियों को चौंका दिया था। दस्तावेजों में सिक्किम और लद्दाख में हुई घटनाओं का विस्तृत विवरण है, जिसमें अजीब वस्तुओं के उड़ने और तेज आवाजें सुनाई देने की जानकारी शामिल है। इसके अलावा, नेपाल में भी एक रहस्यमयी धातु का ऑब्जेक्ट मिलने की घटना का जिक्र है। जानिए इन रहस्यमय घटनाओं के बारे में और क्या कहता है पेंटागन।
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1968 में भारत के हिमालय में देखे गए यूएफओ: अमेरिकी दस्तावेजों में खुलासा

यूएफओ दस्तावेजों में भारत का जिक्र


नई दिल्ली: हाल ही में अमेरिकी सरकार द्वारा जारी किए गए डीक्लासिफाइड यूएफओ दस्तावेजों में भारत के हिमालयी क्षेत्रों, विशेषकर लद्दाख और सिक्किम, में 1968 में देखी गई अज्ञात उड़ती वस्तुओं का उल्लेख किया गया है। इन दस्तावेजों में सीआईए की एक रिपोर्ट में कई घटनाओं का जिक्र है, जिन्होंने उस समय स्थानीय निवासियों को चौंका दिया था।


सिक्किम में अजीब वस्तु का अवलोकन

रिपोर्ट के अनुसार, 19 फरवरी 1968 को उत्तर सिक्किम के लाचुंग, लाचेन, ट्रांगु, मुगुथांग और छोल्हामू क्षेत्रों में लोगों ने आसमान में एक अजीब वस्तु को उड़ते हुए देखा। यह वस्तु उत्तर-पूर्व दिशा से दक्षिण-पश्चिम की ओर बढ़ रही थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसके पीछे से तेज रोशनी निकल रही थी, जिससे आस-पास का क्षेत्र कुछ समय के लिए रोशन हो गया। घटना के कुछ समय बाद गरज जैसी आवाज भी सुनाई दी थी।


लद्दाख में मार्च 1968 की घटनाएं

मार्च 1968 में लद्दाख के विभिन्न क्षेत्रों से भी ऐसी कई रिपोर्टें आई थीं। 4 मार्च को चांग ला, फुकचे और कोयुल के निवासियों ने पूर्व से पश्चिम की ओर बढ़ती एक चमकीली सफेद रोशनी देखी। इसके बाद दो तेज धमाकों जैसी आवाजें सुनाई दीं। कुछ लोगों ने लाल रंग की चमक और सफेद धुएं को भी देखने का दावा किया। उसी दिन अने ला इलाके में एक दूसरी रहस्यमयी वस्तु देखी गई, जो गोलाकार रास्ते में घूमती नजर आई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, यह उड़ती हुई वस्तु धुआं छोड़ रही थी और इसकी गतिविधियां सामान्य नहीं लग रही थीं।


रॉकेट जैसी आकृति का अवलोकन

25 मार्च 1968 को फुकचे, कोयुल और डेमचोक क्षेत्रों में लोगों ने एक ऐसी वस्तु देखी, जिसकी आकृति रॉकेट जैसी थी। इसके पीछे सफेद और पीले रंग का लंबा धुएं का निशान दिखाई दे रहा था। अनुमान लगाया गया कि यह वस्तु लगभग 20,000 से 25,000 फीट की ऊंचाई पर उड़ रही थी।


नेपाल में मिला रहस्यमयी धातु का ऑब्जेक्ट

रिपोर्ट में नेपाल के कास्की क्षेत्र की एक घटना का भी उल्लेख है। 27 मार्च 1968 को वहां लोगों ने एक चमकदार वस्तु को तेज गति से आसमान में गुजरते देखा। बताया गया कि वह बीच-बीच में फ्लैश कर रही थी और उससे तेज आवाज भी आ रही थी। बाद में पोखरा के पास बाल्टिचौर इलाके में एक गड्ढे में धातु से बना डिस्क आकार का ऑब्जेक्ट मिलने की जानकारी मिली। इसकी ऊंचाई लगभग चार फीट और आधार लगभग छह फीट बताया गया।


ट्रंप प्रशासन की पहल से सार्वजनिक हुए रिकॉर्ड

ये दस्तावेज अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आदेश के तहत पुराने यूएफओ और यूएपी रिकॉर्ड को सार्वजनिक करने की प्रक्रिया का हिस्सा हैं। जारी फाइलों में 1940 के दशक से लेकर हाल के वर्षों तक की कई घटनाओं, तस्वीरों, वीडियो और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्टें शामिल हैं।


पेंटागन की सावधानी

हालांकि, अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने इन दस्तावेजों को लेकर सावधानी बरतने की सलाह दी है। अधिकारियों का कहना है कि कई रिकॉर्ड्स की पूरी तरह पुष्टि नहीं हो पाई है और अब तक किसी भी मामले में एलियन तकनीक या पृथ्वी के बाहर जीवन से जुड़ा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है।


अमेरिका में देखे गए रहस्यमयी गोले

शुक्रवार को जारी किए गए यूएफओ दस्तावेजों के तीसरे सेट में अमेरिका के उत्तर-पूर्वी हिस्सों में देखी गईं चमकदार गोलाकार वस्तुओं का भी जिक्र है। कुछ रिपोर्टों में इन गोलों का रंग लाल बताया गया है। इससे पहले ऐसे दस्तावेजों के दो अन्य सेट 8 मई और 22 मई को जारी किए जा चुके हैं।


पेंटागन द्वारा जारी 72 फाइलों में एफबीआई, सीआईए और रक्षा विभाग की रिपोर्टें शामिल हैं। इनमें गवाहों के बयान, वीडियो रिकॉर्डिंग और घटनाओं से जुड़े चित्र भी मौजूद हैं। एक रिपोर्ट में दो लोगों ने दावा किया कि उन्होंने अपने घर के पीछे बेहद तेज लाल रोशनी वाला एक गोला देखा था। उनके अनुसार, वह लाल रंग इतना अलग और चमकदार था कि उन्होंने पहले कभी वैसा दृश्य नहीं देखा था। बताया गया कि उस गोले के बीच में बास्केटबॉल के आकार का एक चमकीला हिस्सा था, जो छोटे सूरज जैसा दिखाई देता था।