अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता: नई शुरुआत की उम्मीद
शांति समझौते का स्वागत
उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए शांति समझौते का स्वागत करते हुए कहा कि यह तेहरान को वाशिंगटन के साथ 47 वर्षों के असफल संबंधों में एक नई शुरुआत का अवसर प्रदान करता है।
समझौते की प्रमुख उपलब्धियां
सीबीएस न्यूज और एबीसी न्यूज से बातचीत में वेंस ने बताया कि इस समझौते की दो महत्वपूर्ण उपलब्धियां हैं। पहला, यह सुनिश्चित करता है कि ईरान के पास कभी भी परमाणु हथियार नहीं होंगे, और दूसरा, यदि ईरान समझौते की शर्तों का पालन करता है, तो उसे वैश्विक अर्थव्यवस्था में शामिल होने का अवसर मिलेगा।
ईरान का स्वागत
जेडी वेंस ने कहा, 'इस समझौते के दो पहलू हैं। यह एक ओर ईरान के लिए परमाणु हथियारों के निर्माण को रोकता है और दूसरी ओर होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलता है। यह ईरान की तरफ दोस्ती का हाथ बढ़ाता है और कहता है कि यदि आप अपनी जिम्मेदारियों को निभाने के लिए तैयार हैं, तो हम आपको वैश्विक अर्थव्यवस्था में फिर से शामिल होने का अवसर देंगे।'
ईरान की जिम्मेदारियां
उपराष्ट्रपति वेंस ने कहा, 'राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका और ईरान के बीच 47 वर्षों के असफल संबंधों में नई शुरुआत करना चाहते हैं, लेकिन इसके लिए ईरान को समझौते के तहत अपनी जिम्मेदारियों को पूरा करना होगा।' उन्होंने कहा कि ईरान के साथ यह समझौता 'प्रदर्शन पर आधारित' है।
300 अरब डॉलर की संभावनाएं
वेंस ने बताया कि यदि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करने की जिम्मेदारियों को पूरा करता है, तो उसे 300 अरब अमेरिकी डॉलर के पुनर्निर्माण निधि तक पहुंच प्राप्त होगी, लेकिन यह राशि अमेरिका से नहीं आएगी। उन्होंने कहा, 'यह एक ऐसा अवसर है, जिसका लाभ उन्हें मिल सकता है, बशर्ते वे अपनी जिम्मेदारियां पूरी करें।'
खाड़ी सहयोग परिषद का योगदान
वेंस ने कहा, 'हम निश्चित रूप से खाड़ी सहयोग परिषद के देशों द्वारा ईरान के पुनर्निर्माण में निवेश करने के लिए तैयार हैं, लेकिन यह तभी संभव है जब ईरान अपना परमाणु कार्यक्रम बंद कर दे।'
