अलास्का में सीनेट चुनाव पर विवाद: ट्रंप ने उठाए गंभीर आरोप
अलास्का में चुनावी विवाद
अमेरिका के अलास्का राज्य में सीनेट चुनाव को लेकर एक नया विवाद उत्पन्न हो गया है। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डेनियल सुलिवन के खिलाफ एक तीसरे उम्मीदवार का नाम भी सामने आया है, जो कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के अनुसार चुनावी धोखाधड़ी का मामला है। ट्रंप ने इस मामले की जांच के लिए न्याय विभाग को निर्देश दिए हैं। यह चुनाव 3 नवंबर को होने वाला है। ट्रंप का आरोप है कि डेमोक्रेट्स ने जानबूझकर एक समान नाम वाला 'डमी' उम्मीदवार खड़ा किया है, जिससे मतदाताओं में भ्रम पैदा हो सकता है और इससे रिपब्लिकन उम्मीदवार के वोट प्रभावित हो सकते हैं।
डेमोक्रेट्स के खिलाफ आरोप
अलास्का में मौजूदा सांसद डेनियल सुलिवन का मुकाबला डेमोक्रेट मैरी पेल्टोला से है। तीसरे उम्मीदवार का नाम भी डेनियल सुलिवन है, जो एक सेवानिवृत्त स्कूल शिक्षक हैं। शुरुआत में इसे गंभीरता से नहीं लिया गया, लेकिन न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट ने इस मामले को नया मोड़ दिया। रिपोर्ट में कहा गया कि शिक्षक सुलिवन की उम्मीदवारी पेल्टोला की टीम की सोची-समझी रणनीति का परिणाम है।
ट्रंप की प्रतिक्रिया
ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा है कि यह चुनावी धोखाधड़ी का एक गंभीर मामला है और इस तरह के कृत्यों को सहन नहीं किया जा सकता। उन्होंने पेल्टोला का नाम मतपत्र से हटाने और उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। 'सीएनएन' की रिपोर्ट के अनुसार, न्याय विभाग ने इस मामले में तेजी से जांच शुरू की है और ग्रैंड जूरी ने कई नए समन जारी किए हैं।
कानूनी स्थिति
यह ध्यान देने योग्य है कि एक समान नाम वाले व्यक्ति का चुनाव लड़ना अमेरिकी कानून के तहत गैरकानूनी नहीं है। मतपत्र पर दोनों सुलिवन के नाम स्पष्ट रूप से अलग-अलग दर्ज हैं। एक नाम के साथ मौजूदा सांसद का उल्लेख है, जबकि दूसरे को किसी राजनीतिक दल से नहीं जोड़ा गया है। चुनाव कराना राज्यों का अधिकार है, और इसमें संघीय सरकार की कोई भूमिका नहीं होती।
राजनीतिक विश्लेषण
सीएनएन के राजनीतिक विश्लेषक स्टीफन कॉलिन्सन ने कहा कि ट्रंप ने वर्षों से डेमोक्रेट्स पर चुनावी धांधली के आरोप लगाए हैं। उनके अनुसार, ट्रंप को अब एक ऐसा मामला मिल गया है जिससे वह अपनी कहानी को आगे बढ़ा सकते हैं। कॉलिन्सन ने यह भी कहा कि चाहे असली डेनियल सुलिवन जीतें या हारें, ट्रंप इस मुद्दे को उठाते रहेंगे।
सीनेट पर नियंत्रण की लड़ाई
अधिकांश जनमत सर्वेक्षणों के अनुसार, रिपब्लिकन पार्टी डेमोक्रेटिक पार्टी से पीछे चल रही है। यह स्थिति प्रतिनिधि सभा और सीनेट दोनों चुनावों पर लागू होती है। अलास्का जैसे मजबूत गढ़ों में भी उन्हें चुनौती मिल रही है। यदि रिपब्लिकन पार्टी प्रतिनिधि सभा में हारती है, तो यह ट्रंप के लिए एक बड़ा झटका होगा। 'न्यूयॉर्क टाइम्स-सिएना' के सर्वे में मैरी पेल्टोला को 51 प्रतिशत और सुलिवन को 45 प्रतिशत समर्थन मिलता दिख रहा है।
