Newzfatafatlogo

टेक्सास में डेटा सेंटर विवाद: 10 डॉलर में दान की गई जमीन की कहानी

टेक्सास में एक विवादास्पद मामला सामने आया है, जहां 87 एकड़ की भूमि, जिसे पहले 10 डॉलर में दान किया गया था, अब डेटा सेंटर के निर्माण के लिए बेची जा रही है। स्थानीय निवासियों ने इस निर्माण का विरोध किया है, यह कहते हुए कि इससे बिजली की खपत और शोर बढ़ेगा। जानें इस मामले की पूरी कहानी और अदालत में चल रहे मुकदमे के बारे में।
 | 

टेक्सास में जमीन का विवाद

अमेरिका के टेक्सास राज्य में एक अनोखा मामला सामने आया है, जिसमें 87 एकड़ भूमि को डेटा सेंटर के निर्माण के लिए 10 मिलियन डॉलर, यानी लगभग 94 करोड़ रुपये में खरीदा गया है। यह भूमि कुछ साल पहले एक व्यक्ति द्वारा केवल 10 डॉलर, जो कि लगभग 943 रुपये है, में दान की गई थी, ताकि शहर में एक आकर्षक पार्क का निर्माण हो सके। अब इस भूमि पर डेटा सेंटर बनाने की योजना के चलते यह मामला विवादों में आ गया है और अदालत तक पहुंच चुका है।


दान की गई भूमि का इतिहास

यह मामला टेक्सास के टेलर शहर से संबंधित है। किसान टीजे ब्लैंड ने 1999 में रिक्रिएशन फाउंडेशन को यह भूमि दान की थी, ताकि यहां एक पार्क का निर्माण हो सके और स्थानीय बच्चों को खेलने के लिए स्थान मिल सके। कुछ वर्षों बाद, फाउंडेशन ने यह भूमि टेलर इकोनॉमिक डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (TEDC) को बेच दी। इसके बाद, यह भूमि लगभग 1 करोड़ रुपये में फिर से बेची गई।


क्या है पूरा मामला?

टीजे ब्लैंड ने यह भूमि 943 रुपये में रिक्रिएशन फाउंडेशन को दान की थी, और दस्तावेजों में स्पष्ट रूप से उल्लेख था कि यह भूमि केवल पार्क के निर्माण के लिए दी गई है। कुछ समय बाद, रिक्रिएशन फाउंडेशन ने इसे TEDC को बेच दिया। अब, TEDC ने इसे 2025 में लगभग 94 करोड़ रुपये में बेचने की योजना बनाई है, जहां एक विशाल डेटा सेंटर का निर्माण किया जाएगा, जो इंटरनेट और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से संबंधित डेटा को स्टोर और प्रोसेस करेगा।


स्थानीय लोगों का विरोध

जमीन के आसपास रहने वाले निवासियों ने डेटा सेंटर के निर्माण का विरोध किया है। उनका मानना है कि इससे क्षेत्र में बिजली की खपत में वृद्धि होगी और शोर भी बढ़ेगा, जिससे स्थानीय लोगों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा। इसी कारण से, कुछ निवासियों ने इस मुद्दे को लेकर अदालत में मुकदमा दायर किया है।


स्थानीय लोगों ने किया मुकदमा दायर

स्थानीय निवासियों ने अदालत में याचिका दायर की है कि इस भूमि पर डेटा सेंटर का निर्माण न किया जाए। उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जब यह भूमि पार्क के निर्माण के लिए दान की गई थी, तो अब तक पार्क क्यों नहीं बनाया गया। अब सभी की नजर अदालत के फैसले पर है कि इस भूमि का भविष्य क्या होगा?