ट्रंप का क्यूबा पर नया दबाव: मार्को रुबियो की अपील
ट्रंप का क्यूबा पर बयान
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने क्यूबा के प्रति अपने रुख को और मजबूत किया है। फ्लोरिडा में एक रैली के दौरान, उन्होंने कहा कि ईरान से लौट रहे अमेरिकी युद्धपोत क्यूबा के तट के निकट रुक सकते हैं। ट्रंप ने यह भी उल्लेख किया कि मार्को रुबियो को वहां बातचीत करने और समझौते को अंतिम रूप देने के लिए भेजा जाएगा। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव नजदीक हैं, और इस समय महंगाई, तेल की कीमतें और ईरान के साथ युद्ध जैसे मुद्दे लोगों के बीच चर्चा का विषय बने हुए हैं।
मार्को रुबियो की अपील
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने क्यूबा के नागरिकों से अपील की है कि यह सरकार के खिलाफ बदलाव लाने का सही समय है। उन्होंने क्यूबा की जनता से CIA के साथ गुप्त सहयोग करने का आग्रह किया है।
ट्रंप का बयान
फ्लोरिडा में चुनावी रैली के दौरान, ट्रंप ने कहा, 'हम ईरान से लौटेंगे और हमारे खूबसूरत जहाज क्यूबा के पास से गुजरेंगे। हम एक जहाज को तट से लगभग 50 गज की दूरी पर रोकेंगे। वे अपने हाथ उठाएंगे, और फिर हम मार्को रुबियो को वहां भेजेंगे। हमें किसी बात की चिंता नहीं है, क्योंकि मार्को हमेशा कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे।'
मार्को रुबियो का सोशल मीडिया पर बयान
मार्को रुबियो ने सोशल मीडिया पर लिखा, 'जो लोग क्यूबा में सकारात्मक बदलाव की चाह रखते हैं, उनके लिए यह सही समय है। टूटे वादों और भ्रष्टाचार के कारण उपजी निराशा को देखते हुए, CIA के साथ गुप्त साझेदारी करके बदलाव लाने का अवसर लें।'
क्यूबा और अमेरिका के संबंध
ट्रंप और मार्को रुबियो ने हमेशा क्यूबा की कम्युनिस्ट सरकार के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। हाल ही में, ट्रंप प्रशासन ने क्यूबा के पूर्व नेता राउल कास्त्रो के खिलाफ आपराधिक आरोप भी लगाए हैं। ट्रंप का कहना है कि जो काम पिछले राष्ट्रपति नहीं कर पाए, वह वह खुद करेंगे। वहीं, मार्को रुबियो का मानना है कि क्यूबा अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा है।
क्यूबा के विदेश मंत्री ब्रूनो रोड्रिग्स ने अमेरिकी धमकियों पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा, 'अमेरिकी बयान ऐसे हैं जैसे कोई टूथपेस्ट बेच रहा हो।' अमेरिका के कड़े प्रतिबंधों के कारण क्यूबा में गहरा ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया है, जिससे आम जनता और स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित हो रही हैं।
1959-1961 में फिदेल कास्त्रो के सत्ता में आने के बाद अमेरिका ने क्यूबा से राजनयिक संबंध तोड़ लिए थे। इसके बाद 1962 में क्यूबा में सोवियत संघ की परमाणु मिसाइलों की तैनाती से अमेरिका और सोवियत संघ के बीच तनाव बढ़ गया। अमेरिका ने क्यूबा पर कठोर आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं, जिन्हें विभिन्न राष्ट्रपति समय-समय पर कम या ज्यादा करते रहे हैं।
