Newzfatafatlogo

न्यूयॉर्क में घोड़ागाड़ी दुर्घटना के बाद प्रतिबंध का प्रस्ताव

न्यूयॉर्क में एक 18 वर्षीय भारतीय युवक की घोड़ागाड़ी से गिरने के कारण हुई मौत ने घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की मांग को जन्म दिया है। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने इस संबंध में एक विधेयक को मंजूरी दी है, जिसमें 40 सदस्यों ने समर्थन में वोट दिया। परिवार ने इस परंपरा को समाप्त करने की अपील की है। क्या यह विधेयक कानून में बदल पाएगा? जानें पूरी कहानी।
 | 

घोड़ागाड़ी से गिरने से हुई युवक की मौत

न्यूयॉर्क में एक 18 वर्षीय भारतीय युवक, जो अपने परिवार के साथ घोड़ागाड़ी की सवारी कर रहा था, गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मृत्यु हो गई। इस घटना के बाद, न्यूयॉर्क में घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। न्यूयॉर्क सिटी काउंसिल ने जून 2028 से घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए एक विधेयक को मंजूरी दी है। इस पर मतदान हुआ, जिसमें 40 सदस्यों ने समर्थन में और 7 ने विरोध में वोट दिया।


रोमांच महाजन का दुखद अनुभव

भारत के 18 वर्षीय रोमांच महाजन अपने परिवार के साथ न्यूयॉर्क में छुट्टियां मना रहे थे। 17 जून को, जब वे घोड़ागाड़ी की सवारी कर रहे थे, ड्राइवर कुछ समय के लिए वहां से हट गया। अचानक घोड़ा बेकाबू हो गया और तेज गति से भागने लगा, जिससे रोमांच गिर गए और गंभीर चोटें आईं। इन चोटों के कारण उनकी मृत्यु हो गई। इस घटना ने घोड़ागाड़ी की सवारी पर रोक लगाने के सवाल उठाए।


परिवार की प्रतिक्रिया

रोमांच के परिवार का कहना है कि उन्होंने हाल ही में अपनी स्कूल की पढ़ाई पूरी की थी और न्यूयॉर्क में यह दुखद घटना हुई। न्यूयॉर्क सिटी हॉल में घोड़ागाड़ियों पर प्रतिबंध लगाने के लिए हुई बैठक में रोमांच के पिता, दीपक महाजन ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि घोड़ागाड़ियों के खिलाफ सख्त कानून बनाकर इस परंपरा को समाप्त किया जाना चाहिए।


घोड़ागाड़ी व्यवसाय पर प्रभाव

इस विधेयक को कानून में बदलने में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। ट्रांसपोर्ट वर्कर्स यूनियन ने कहा है कि जैसे ही यह कानून लागू होगा, वे अस्थायी रोक लगाने की मांग करेंगे। इसके अलावा, अप्रैल तक घोड़ागाड़ी चलाने वाले कर्मचारियों के लिए काम बदलने की योजना बनाई जाएगी। घोड़ागाड़ी संचालकों को मुआवजा देने पर भी विचार किया जा रहा है, ताकि वे घोड़ों की देखभाल सही तरीके से कर सकें। यदि यह विधेयक कानून बनता है, तो घोड़ागाड़ी व्यवसायियों ने अदालत का रुख करने की बात कही है।