Newzfatafatlogo

रघुराम राजन को फेडरल रिजर्व में महत्वपूर्ण भूमिका मिली

भारत के पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन को अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी गई है। उन्हें मौद्रिक नीति और बैलेंस शीट की समीक्षा करने वाली टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। इसके अलावा, भारतीय मूल के अन्य विशेषज्ञों को भी विभिन्न टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। यह कदम फेड के नए चेयरमैन द्वारा घोषित सुधार कार्यक्रम का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य महंगाई पर नियंत्रण और आर्थिक निर्णयों में पारदर्शिता लाना है।
 | 

रघुराम राजन की नई जिम्मेदारी

भारत के पूर्व रिजर्व बैंक गवर्नर रघुराम राजन को अमेरिका के केंद्रीय बैंक, फेडरल रिजर्व में एक महत्वपूर्ण भूमिका सौंपी गई है। उन्हें उस विशेष टास्क फोर्स में शामिल किया गया है, जो अमेरिकी केंद्रीय बैंक की मौद्रिक नीति और बैलेंस शीट की समीक्षा करेगी। इस टीम का उद्देश्य महंगाई पर नियंत्रण पाने के लिए नई रणनीतियों का विकास करना और फेड के कार्यों को और अधिक प्रभावी बनाना है.


अन्य भारतीय विशेषज्ञों की नियुक्ति

राघुराम राजन के अलावा, भारतीय मूल के दो अन्य विशेषज्ञ, राज चेट्टी और आशा शर्मा को भी फेड की विभिन्न टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। इन नियुक्तियों को फेड के नए चेयरमैन केविन वार्श द्वारा घोषित सुधार कार्यक्रम का हिस्सा माना जा रहा है। इन टीमों में विश्व के कई प्रमुख अर्थशास्त्री, उद्योगपति और तकनीकी विशेषज्ञ भी शामिल हैं.


राघुराम राजन का कार्यक्षेत्र

रघुराम राजन को फेडरल रिजर्व की 'बैलेंस शीट पॉलिसी टास्क फोर्स' का सदस्य बनाया गया है। यह टीम फेड की बैलेंस शीट, उसमें शामिल संपत्तियों और उनके मौद्रिक नीति पर प्रभाव का मूल्यांकन करेगी। इसके साथ ही, मौजूदा व्यवस्था की विशेषताओं और कमियों का भी अध्ययन किया जाएगा, ताकि इसे और अधिक प्रभावी बनाया जा सके. फेड चेयरमैन केविन वार्श ने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों को एकत्रित करने का उद्देश्य संस्थान में नई सोच और पारदर्शिता लाना है.


महंगाई पर नियंत्रण के लिए नई रणनीतियाँ

कोरोना महामारी के दौरान अमेरिकी अर्थव्यवस्था को संभालने के लिए फेडरल रिजर्व ने बड़े पैमाने पर धन प्रणाली में डाला, जिससे उसकी बैलेंस शीट लगभग 9 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंच गई। इसके परिणामस्वरूप, अमेरिका कई वर्षों से अपेक्षा से अधिक महंगाई का सामना कर रहा है। अब फेड इस व्यवस्था की समीक्षा कर रहा है, ताकि महंगाई पर नियंत्रण पाया जा सके और मौद्रिक नीति को संतुलित किया जा सके. इसी उद्देश्य से फेड ने पांच अलग-अलग टास्क फोर्स का गठन किया है.


अन्य भारतीय विशेषज्ञों की भूमिका

हार्वर्ड यूनिवर्सिटी के प्रसिद्ध अर्थशास्त्री राज चेट्टी को डेटा टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। इस टीम का कार्य आर्थिक आंकड़ों को बेहतर ढंग से समझना और रियल-टाइम डेटा का प्रभावी उपयोग करना होगा। वहीं, माइक्रोसॉफ्ट की वरिष्ठ अधिकारी आशा शर्मा को प्रोडक्टिविटी एंड जॉब्स टास्क फोर्स में शामिल किया गया है। उनकी टीम यह अध्ययन करेगी कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसी नई तकनीकों का नौकरियों, उत्पादकता और अर्थव्यवस्था पर क्या प्रभाव पड़ रहा है.