BRICS Summit 2026: पुतिन और डोभाल के बीच की खास बॉन्डिंग ने खींचा ध्यान
दिल्ली में पुतिन और डोभाल की मुलाकात
नई दिल्ली: BRICS Summit 2026 के दौरान कई प्रमुख नेताओं की मुलाकातें चर्चा का विषय बनीं, लेकिन एक क्षण ने सोशल मीडिया पर खास ध्यान आकर्षित किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के बीच बातचीत के दौरान, पुतिन ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल को देखकर मुस्कुराते हुए हाथ हिलाया, जिसे डोभाल ने भी मुस्कुराकर स्वीकार किया।
छोटा लेकिन महत्वपूर्ण क्षण
हालांकि यह एक साधारण अभिवादन प्रतीत हुआ, लेकिन पुतिन और डोभाल के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए यह क्षण विशेष महत्व रखता है। दोनों ही सुरक्षा और रणनीतिक मामलों में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। डोभाल भारत की सुरक्षा व्यवस्था में एक प्रमुख व्यक्ति हैं, जबकि पुतिन का गहरा संबंध सोवियत संघ की खुफिया एजेंसी KGB से रहा है। इसीलिए, उनकी मुलाकातों को रणनीतिक दृष्टिकोण से देखा जाता है।
दो दशकों से अधिक का संबंध
अजीत डोभाल और व्लादिमीर पुतिन के बीच संबंध कई वर्षों से मजबूत हैं। विभिन्न अवसरों पर उनकी उच्चस्तरीय मुलाकातें हुई हैं। यूक्रेन संकट के दौरान भी डोभाल ने रूस का दौरा कर पुतिन से महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की थी। 2023 में मॉस्को, 2024 में सेंट पीटर्सबर्ग और 2025 में क्रेमलिन में हुई मुलाकातों ने इस संवाद को और भी महत्वपूर्ण बना दिया है।
RAW और KGB का संबंध
डोभाल भारत की खुफिया एजेंसी RAW के पूर्व प्रमुख रह चुके हैं, जबकि पुतिन KGB के अधिकारी के रूप में कार्य कर चुके हैं। दोनों के करियर का एक बड़ा हिस्सा सुरक्षा, खुफिया जानकारी और रणनीतिक मामलों से जुड़ा रहा है। हालांकि, उनकी बातचीत केवल खुफिया मामलों तक सीमित नहीं है। भारत-रूस संबंध, रक्षा सहयोग, क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक परिस्थितियों पर भी उनकी चर्चा होती है।
रक्षा सहयोग की मिसालें
भारत और रूस के बीच मजबूत रणनीतिक साझेदारी का प्रभाव रक्षा क्षेत्र में भी स्पष्ट है। S-400 एयर डिफेंस सिस्टम और ब्रह्मोस मिसाइल परियोजना दोनों देशों के बीच लंबे समय से चल रहे रक्षा सहयोग की प्रमुख उदाहरण हैं। इस संदर्भ में, डोभाल की भूमिका राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों में महत्वपूर्ण होती है।
BRICS का क्षण, रिश्तों की गहराई
पुतिन का डोभाल को देखकर मुस्कुराना और हाथ हिलाना भले ही कुछ सेकंड का क्षण था, लेकिन इसने दोनों के बीच लंबे समय से चले आ रहे संबंधों की झलक पेश की। BRICS के मंच पर कैद हुआ यह क्षण अब भारत-रूस के रणनीतिक रिश्तों और दोनों नेताओं के बीच की सहज समझ को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।
