BRICS शिखर सम्मेलन 2023: जानें इस अंतरराष्ट्रीय समूह की यात्रा और भविष्य की योजनाएं
BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन
नई दिल्ली: भारत में 12 और 13 सितंबर को 18वें BRICS शिखर सम्मेलन का आयोजन होने जा रहा है। वर्तमान में, BRICS को वैश्विक स्तर पर प्रमुख अंतरराष्ट्रीय समूहों में से एक माना जाता है, लेकिन इसकी शुरुआत केवल चार देशों से हुई थी। समय के साथ, नए देशों के शामिल होने से यह BRIC से BRICS में परिवर्तित हो गया। आइए जानते हैं इस समूह के गठन और विकास की पूरी कहानी।
BRIC का नामकरण कैसे हुआ?
BRICS की शुरुआत 2001 में हुई, जब अर्थशास्त्री जिम ओ'नील ने एक रिपोर्ट में ब्राजील, रूस, भारत और चीन को तेजी से उभरती अर्थव्यवस्थाओं के रूप में पहचाना। इन चार देशों के नाम के पहले अक्षरों से BRIC शब्द का निर्माण हुआ। प्रारंभ में, BRIC कोई औपचारिक संगठन नहीं था, बल्कि यह उभरती अर्थव्यवस्थाओं की पहचान के लिए एक शब्द था।
2006 में औपचारिक मंच की स्थापना
2006 में BRIC को औपचारिक रूप देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया। न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान ब्राजील, रूस, भारत और चीन के विदेश मंत्रियों की बैठक हुई। इसके बाद, चारों देशों के बीच आर्थिक और राजनीतिक सहयोग को बढ़ावा देने की प्रक्रिया तेज हुई। 2009 में रूस के येकातेरिनबर्ग में पहला BRIC शिखर सम्मेलन आयोजित हुआ, जहां नेताओं ने वैश्विक मुद्दों पर सहयोग को आगे बढ़ाने पर चर्चा की।
दक्षिण अफ्रीका का शामिल होना और BRICS का गठन
2010 में दक्षिण अफ्रीका को समूह में शामिल करने पर सहमति बनी, और उसने 2011 में सान्या में आयोजित शिखर सम्मेलन में पहली बार भाग लिया। दक्षिण अफ्रीका के जुड़ने के बाद, BRIC का नाम BRICS में बदल गया, जिसमें 'S' दक्षिण अफ्रीका को दर्शाता है।
2024 और 2025 में BRICS का विस्तार
BRICS का अगला बड़ा विस्तार 2024 में हुआ, जब मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात इसके नए सदस्य बने। इसके बाद, 2025 में इंडोनेशिया के शामिल होने से समूह में कुल 11 सदस्य हो गए। वर्तमान में, BRICS में ब्राजील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, UAE और इंडोनेशिया शामिल हैं।
पार्टनर देशों की भूमिका
BRICS में पूर्ण सदस्यों के अलावा कई पार्टनर देश भी हैं, जैसे बेलारूस, बोलीविया, क्यूबा, कजाकिस्तान, मलेशिया, नाइजीरिया, थाईलैंड, युगांडा, उज्बेकिस्तान और वियतनाम। पार्टनर देशों को बैठकों में भाग लेने और सहयोग करने का अवसर मिलता है, लेकिन उन्हें निर्णय लेने की प्रक्रिया में पूर्ण सदस्यों जैसी भूमिका नहीं होती।
भारत के लिए 2026 का सम्मेलन क्यों महत्वपूर्ण है?
भारत ने पहले 2012, 2016 और 2021 में BRICS की अध्यक्षता की है। 2026 में, भारत चौथी बार इस समूह की अध्यक्षता करेगा। इस बार की थीम "Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability" है, जो लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता को बढ़ावा देने पर केंद्रित है।
