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तेहरान में खामेनेई के अंतिम संस्कार में ट्रंप और नेतन्याहू के खिलाफ नारेबाजी

तेहरान में अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। लाखों की भीड़ ने इस अवसर पर उग्र नारे लगाए, जो ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव को दर्शाते हैं। धार्मिक कवि मोहम्मद रसूली ने ट्रंप पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अब उनके लिए दुनिया में कोई अच्छी जगह नहीं है। जानें इस महत्वपूर्ण घटना के बारे में और अधिक जानकारी।
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तेहरान में अंतिम संस्कार का माहौल

तेहरान में ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की गई। लाखों की संख्या में उपस्थित लोगों ने इस जनाजे में ट्रंप को निशाना बनाते हुए उग्र नारे लगाए। भीड़ ने 'अमेरिका और इजरायल की मौत' के नारे भी लगाए।


संघर्ष के बीच तनाव का संकेत

यह घटना उस समय हुई है जब ईरान और अमेरिका के बीच हालिया संघर्ष को समाप्त करने के लिए बातचीत चल रही है। फिर भी, जनाजे का माहौल दोनों देशों के बीच तनाव को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।


धार्मिक कवि का बयान

जनाजे के दौरान धार्मिक कवि मोहम्मद रसूली ने ट्रंप पर तीखा हमला किया। उन्होंने बिना नाम लिए कहा, 'जिसने हमारे इमाम को मारा, वह अब तक जिंदा क्यों है?' इस पर भीड़ ने जोरदार तालियां बजाईं और अमेरिका तथा इजराइल के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। रसूली ने यह भी कहा कि अब ट्रंप के लिए दुनिया में कोई अच्छी जगह नहीं बची है। यह पहली बार था जब खामेनेई के अंतिम संस्कार में मंच से ट्रंप के खिलाफ इस तरह का बयान दिया गया। समारोह स्थल पर ट्रंप और नेतन्याहू के विरोध में पोस्टर और बैनर भी लगाए गए थे.


उच्च पदस्थ नेताओं की उपस्थिति

तेहरान के ग्रैंड मुसल्ला में 97 वर्षीय शिया धर्मगुरु अयातुल्ला जाफर सोभानी ने खामेनेई की नमाज-ए-जनाजा पढ़ाई। इस अवसर पर राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ, रिवोल्यूशनरी गार्ड के प्रमुख अहमद वहीदी, कुद्स फोर्स के कमांडर इस्माइल कानी और खामेनेई के परिवार के सदस्य भी मौजूद थे। हालांकि, ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोजतबा खामेनेई इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हुए। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, सुरक्षा कारणों से वह सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए।