Donald Trump का इजरायल पर बड़ा बयान: 'मेरे बिना खत्म हो जाता देश'
ट्रंप और नेतन्याहू के रिश्तों पर खुलासा
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ अपने संबंधों पर एक बार फिर से चर्चा की। एक्सियोस के पत्रकार मार्क कैपुटो को दिए गए इंटरव्यू में ट्रंप ने बताया कि उनके और नेतन्याहू के बीच अच्छे संबंध हैं, लेकिन कभी-कभी उन्हें नेतन्याहू को संतुलित रखने की आवश्यकता होती है।
नेतन्याहू की सुनते हैं ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि वह इजरायल को पड़ोसी देशों के खिलाफ सैन्य कार्रवाई करने से रोकने में सक्षम हैं। जब उनसे पूछा गया कि क्या वह इजरायल को लेबनान पर हमले से रोक सकते हैं, तो उन्होंने सकारात्मक उत्तर दिया।
उन्होंने यह भी कहा कि नेतन्याहू उनका बहुत सम्मान करते हैं और उनकी बातों का पालन करते हैं। ट्रंप का यह बयान वॉशिंगटन और यरुशलम के बीच संबंधों पर उनके प्रभाव को दर्शाता है।
इजरायल की सुरक्षा का श्रेय ट्रंप को
इंटरव्यू में ट्रंप ने बार-बार यह कहा कि हालिया ईरान संघर्ष में उन्होंने इजरायल की सुरक्षा को सुनिश्चित किया। उन्होंने अपने पहले कार्यकाल में 2015 के ईरान परमाणु समझौते से अमेरिका को बाहर निकालने के निर्णय को महत्वपूर्ण बताया।
उनका कहना है कि इस कदम ने तेहरान को परमाणु हथियारों से दूर रखा और इजरायल को बड़े खतरे से बचाया। ट्रंप ने दावा किया कि अगर वह न होते, तो इजरायल का अस्तित्व संकट में होता।
अमेरिका की भूमिका पर जोर
ट्रंप ने हालिया ईरान विरोधी सैन्य अभियानों में नेतन्याहू के साथ सहयोग की बात की, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि इसमें अमेरिका की भूमिका सबसे महत्वपूर्ण थी। उन्होंने अमेरिकी सैन्य ताकत का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके पास हथियार हैं और नियंत्रण भी उनके हाथ में है।
ट्रंप की ये टिप्पणियां उस समय आई हैं जब वह खुद को एक मजबूत वैश्विक नेता के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश कर रहे हैं। वह यह संदेश देना चाहते हैं कि वह अंतरराष्ट्रीय संघर्षों को प्रभावित कर सकते हैं और सहयोगी देशों की नीतियों को दिशा दे सकते हैं।
