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Donald Trump का ईरान को चेतावनी: हमले की तैयारी में 1,000 मिसाइलें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी है कि यदि उनकी हत्या का प्रयास किया गया, तो अमेरिका तुरंत जवाबी कार्रवाई करेगा। ट्रंप ने कहा कि 1,000 मिसाइलें पहले से तैयार हैं और जरूरत पड़ने पर और भी हमले किए जा सकते हैं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल कोई नई हत्या की साजिश की जानकारी नहीं है। ट्रंप ने ईरान के साथ बातचीत की संभावना पर भी चर्चा की, लेकिन युद्धविराम समाप्त होने की बात कही। जानें इस तनावपूर्ण स्थिति के पीछे की पूरी कहानी।
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अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव


नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के बजाय लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से सख्त बयान देकर वैश्विक ध्यान आकर्षित किया है। ट्रंप ने कहा है कि यदि ईरान उनकी हत्या करने या ऐसा प्रयास करने की कोशिश करता है, तो अमेरिका पहले से तय सैन्य योजना के तहत तुरंत जवाब देगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान को निशाना बनाने के लिए 1,000 मिसाइलें पहले से तैयार रखी गई हैं और जरूरत पड़ने पर बिना देरी के कार्रवाई की जाएगी।


ट्रंप का सख्त संदेश

शनिवार को ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर एक पोस्ट साझा करते हुए कहा कि उन्होंने पहले ही अमेरिकी सेना को आवश्यक निर्देश दे दिए हैं। उनके अनुसार, यदि ईरान उनकी हत्या की धमकी को अंजाम देने की कोशिश करता है, तो अमेरिकी सेना पहले से तैयार योजना के तहत जवाबी कार्रवाई करेगी। ट्रंप ने अपने संदेश में कहा कि अमेरिका की एक हजार मिसाइलें ईरान की ओर निशाना साधे हुए हैं। उनका दावा था कि यदि उन पर हमला होता है, तो यह कार्रवाई तुरंत शुरू कर दी जाएगी।


बड़े हमले की संभावना

ट्रंप ने कहा कि शुरुआती सैन्य कार्रवाई के बाद जरूरत पड़ने पर हजारों अतिरिक्त मिसाइलें भी दागी जा सकती हैं। उनका कहना था कि अमेरिकी सेना पूरी तरह तैयार है और उसे पहले ही आदेश दिए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि सेना को निर्धारित समय तक किसी भी आवश्यक अभियान को अंजाम देने की पूरी क्षमता और अधिकार दिए गए हैं। ट्रंप के अनुसार, यदि हालात बने तो अमेरिका ईरान के खिलाफ बड़े स्तर पर सैन्य कार्रवाई करने में सक्षम है।


पहले भी दी गई चेतावनी

यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने इस तरह का बयान दिया हो। इससे पहले न्यूयॉर्क पोस्ट को दिए एक इंटरव्यू में भी उन्होंने कहा था कि यदि उनकी हत्या होती है तो ईरान के खिलाफ ऐसी सैन्य कार्रवाई की जाएगी, जैसी पहले कभी नहीं देखी गई। उस दौरान भी उन्होंने कहा था कि वे लंबे समय से ईरान के निशाने पर हैं और इसी वजह से उन्होंने पहले से जवाबी कार्रवाई की योजना तैयार कर रखी है।


नई साजिश का खंडन

हालांकि अपने हालिया बयान में ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि फिलहाल ऐसी कोई नई खुफिया जानकारी सामने नहीं आई है, जिससे लगे कि उनके खिलाफ कोई तत्काल हत्या की साजिश चल रही है। उन्होंने उन रिपोर्टों को भी खारिज कर दिया, जिनमें दावा किया गया था कि इजरायल ने ईरान की ओर से उनके खिलाफ नई साजिश से जुड़ी जानकारी साझा की है। ट्रंप का कहना था कि इस तरह के दावों की पुष्टि नहीं हुई है।


ईरान का प्रमुख निशाना

ट्रंप ने कहा कि वह लंबे समय से ईरान की प्राथमिक निशाने की सूची में शामिल हैं। उन्होंने दोहराया कि अमेरिका किसी भी कीमत पर ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देगा। साथ ही उन्होंने यह उम्मीद भी जताई कि भविष्य में यदि दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ता है, तो वह लंबे समय तक चलने वाले युद्ध का रूप नहीं लेगा।


सुलेमानी की मौत का प्रभाव

अमेरिका और ईरान के बीच मौजूदा तनाव की जड़ वर्ष 2020 की वह घटना मानी जाती है, जब ट्रंप के आदेश पर अमेरिकी ड्रोन हमले में ईरान के शीर्ष सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत हो गई थी। उसके बाद से ईरान कई बार सार्वजनिक रूप से बदला लेने की बात कह चुका है। वहीं अमेरिकी अधिकारियों ने भी समय-समय पर ट्रंप को निशाना बनाने की कथित साजिशों का खुलासा किया है। हालांकि ईरान लगातार ऐसे आरोपों से इनकार करता रहा है।


बातचीत की संभावना

ट्रंप ने अपने बयान में यह भी कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत दोबारा शुरू करने की इच्छा जताई थी। उनके अनुसार, अमेरिका ने वार्ता के लिए सहमति तो दी, लेकिन साथ ही यह स्पष्ट कर दिया कि पहले लागू किया गया युद्धविराम अब समाप्त हो चुका है। ट्रुथ सोशल पर साझा किए गए एक अन्य संदेश में ट्रंप ने लिखा कि ईरान ने बातचीत जारी रखने का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा कि अमेरिका संवाद के लिए तैयार है, लेकिन तेहरान को साफ शब्दों में बता दिया गया है कि युद्धविराम अब प्रभावी नहीं माना जाएगा।