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Donald Trump का ईरान पर बड़ा बयान: युद्ध से समझौते की ओर बढ़ने की कोशिश

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ संभावित सैन्य कार्रवाई की योजना का खुलासा किया है, लेकिन बातचीत की अपील के बाद इसे रोकने का निर्णय लिया गया। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा और वेनेजुएला में अपनाई गई रणनीति का उदाहरण दिया। इस बीच, ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत अंतिम चरण में है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए महत्वपूर्ण है। जानें ट्रंप के बयान के पीछे की रणनीति और इसके संभावित परिणाम।
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ट्रंप का ईरान के खिलाफ बड़ा बयान


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण बयान दिया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका द्वितीय विश्व युद्ध के बाद ईरान पर सबसे बड़ा हमला करने की योजना बना रहा था, लेकिन तेहरान की बातचीत की इच्छा के चलते इसे रोक दिया गया। ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि वह युद्ध के बजाय समझौते को प्राथमिकता देते हैं, क्योंकि वह किसी की जान नहीं लेना चाहते।


ईरान को दी गई चेतावनी

लास वेगास में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान ने अमेरिका के साथ बातचीत की इच्छा व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका इस प्रस्ताव का सम्मान करता है, लेकिन ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं दी जा सकती।


ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी सैन्य कार्रवाई के कारण ईरान की स्थिति काफी कमजोर हुई है। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका ईरान के खिलाफ वही रणनीति अपना रहा है, जो उसने वेनेजुएला में अपनाई थी। ट्रंप ने बताया कि वे ईरान पर बड़े हमले के लिए पूरी तरह तैयार थे, लेकिन बातचीत के आग्रह के बाद इसे फिलहाल रोक दिया गया। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच बातचीत जारी है और आगे क्या होगा, यह देखना होगा।


वेनेजुएला का उदाहरण

ट्रंप ने अपने बयान में वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य अभियान का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि वहां की कार्रवाई बहुत तेजी से पूरी हुई और अमेरिका ने अपने अभियान से काफी कुछ हासिल किया। इसी उदाहरण के माध्यम से उन्होंने ईरान को यह संकेत दिया कि अमेरिका सैन्य विकल्प अपनाने से पीछे नहीं हटेगा।


स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पर बातचीत

ट्रंप का यह बयान उस समय आया है जब ईरान और ओमान के बीच स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बातचीत अंतिम चरण में पहुंच रही है। ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने बताया कि समझौते का मसौदा लगभग तैयार है, लेकिन कुछ पक्ष इस प्रक्रिया में बाधा डाल सकते हैं।


रिपोर्टों के अनुसार, संभावित समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का रास्ता साफ हो सकता है, जो वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि संघर्ष के दौरान तेल की कीमतों में भारी वृद्धि देखी गई है।