Newzfatafatlogo

Donald Trump की नाराजगी: Nobel Peace Prize से वंचित होने पर क्या कहा?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने Nobel Peace Prize से वंचित होने पर अपनी नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने इसे शर्मनाक और अपमानजनक बताया, साथ ही नॉर्वे की छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने कई संघर्षों को समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है और इस बार पुरस्कार के लिए चुनी गईं नवानेथेम नवी पिल्लै पर भी सवाल उठाए। जानें उनके दावों और शांति प्रयासों के बारे में इस लेख में।
 | 

ट्रंप की नाराजगी का कारण


नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप नोबेल शांति पुरस्कार से वंचित होने के कारण काफी निराश हैं। उन्होंने शुक्रवार को इस निर्णय पर अपनी असहमति व्यक्त करते हुए इसे अपमानजनक और शर्मनाक करार दिया। ट्रंप ने कहा कि इस फैसले ने नॉर्वे की छवि को गंभीर नुकसान पहुंचाया है, जिसकी भरपाई करना मुश्किल होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस निर्णय को कभी नहीं भूलेंगे। इसके साथ ही, उन्होंने पुरस्कार के लिए चयनित नवानेथेम नवी पिल्लै के चयन पर भी सवाल उठाए।


नवी पिल्लै पर ट्रंप की टिप्पणी

ट्रंप ने कहा कि इस बार शांति पुरस्कार एक ऐसे व्यक्ति को दिया गया है, जिनके बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं सुना। हालांकि, नवी पिल्लै अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय की पूर्व जज रह चुकी हैं। ट्रंप का मानना है कि उनके द्वारा शांति स्थापित करने के प्रयासों को नजरअंदाज किया गया है।


ट्रंप का दावा: 8 युद्ध समाप्त किए

'8 युद्ध खत्म कराए, मुझे मिलने चाहिए थे 8 नोबेल'


ट्रंप ने लंबे समय से यह दावा किया है कि उन्होंने कई देशों के बीच संघर्ष समाप्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि उन्होंने आठ युद्धों को सुलझाने में मदद की और इसके लिए उन्हें एक नहीं, बल्कि आठ नोबेल शांति पुरस्कार मिलने चाहिए थे। उन्होंने गाजा और ईरान से संबंधित संघर्षों का भी उल्लेख किया। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने ईरान को मध्य पूर्व, यूरोप और अमेरिका के कुछ हिस्सों में तबाही मचाने से रोका। हालांकि, ईरान के साथ तनाव और संघर्षविराम की स्थिति स्पष्ट नहीं होने के कारण उनके दावों पर सवाल उठ रहे हैं।


भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव कम करने का श्रेय

ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने का श्रेय भी अपने प्रयासों को दिया। इसके अलावा, उन्होंने रवांडा-कांगो, थाईलैंड-कंबोडिया, आर्मेनिया-अजरबैजान, मिस्र-इथियोपिया और सर्बिया-कोसोवो के बीच विवादों का भी जिक्र किया। हालांकि, इन सभी मामलों में विवादों का समाधान होना अभी बाकी है।


ट्रंप की पुरस्कार पाने की इच्छा

पहले भी जता चुके हैं पुरस्कार पाने की इच्छा


ट्रंप की नोबेल शांति पुरस्कार के लिए दावेदारी नई नहीं है। वह पहले भी कई बार कह चुके हैं कि अंतरराष्ट्रीय विवादों को सुलझाने में उनकी भूमिका को देखते हुए वह इस सम्मान के हकदार हैं। हाल ही में उन्होंने कहा था कि किसी अन्य अमेरिकी राष्ट्रपति ने उनकी तरह इतने संघर्ष समाप्त करने में भूमिका नहीं निभाई।


ट्रंप के शांति प्रयासों पर उनके समर्थक और आलोचक अलग-अलग राय रखते हैं। उनके द्वारा बताए गए कई विवादों में तनाव पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ है। ऐसे में यह सवाल उठता है कि किन मामलों में उनके प्रयासों से स्थायी शांति स्थापित हुई। पुरस्कार नहीं मिलने के बाद ट्रंप ने नॉर्वे और नोबेल चयन प्रक्रिया पर भी निशाना साधा है। उनका कहना है कि इस निर्णय ने पुरस्कार की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाया है।