इटली में डीजल पर टैक्स में कटौती: क्या है जॉर्जिया मेलोनी का नया कदम?
यूरोप में बढ़ते तनाव का असर
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का प्रभाव अब यूरोप के देशों पर भी स्पष्ट रूप से देखा जा रहा है। ईंधन की कीमतों में लगातार वृद्धि के चलते, इटली की प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी की सरकार ने डीजल पर उत्पाद शुल्क (एक्साइज ड्यूटी) में अस्थायी कटौती करने का निर्णय लिया है। सरकार का कहना है कि यह कदम महंगाई के दबाव को कम करने और परिवहन लागत को नियंत्रित करने के लिए उठाया गया है।
6 अगस्त तक डीजल की कीमतों में कमी
6 अगस्त तक सस्ता मिलेगा डीजल
इटली की कैबिनेट ने सोमवार को एक विशेष आदेश को मंजूरी दी, जिसके तहत 6 अगस्त तक डीजल पर लगने वाले एक्साइज टैक्स में 17 यूरो सेंट प्रति लीटर की कमी की जाएगी। इस निर्णय का सबसे अधिक लाभ परिवहन क्षेत्र, किसानों और आम उपभोक्ताओं को मिलने की उम्मीद है, क्योंकि हाल के दिनों में ईंधन की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है।
मेलोनी का बयान
मेलोनी बोलीं- राहत देना जरूरी था
प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कहा कि अंतरराष्ट्रीय तनाव के कारण ईंधन की कीमतें फिर से बढ़ गई हैं, जिससे परिवहन और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुएं महंगी हो रही हैं। उन्होंने कहा कि यह निर्णय पूरी समस्या का समाधान नहीं है, लेकिन लोगों को तत्काल राहत देने के लिए आवश्यक कदम है। साथ ही, उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार हालात पर लगातार नजर रखे हुए है।
Le tensioni internazionali stanno facendo salire di nuovo il prezzo dei carburanti e, con esso, il costo di tutto quello che viaggia su strada.
— Giorgia Meloni (@GiorgiaMeloni) July 27, 2026
Di fronte a questo rincaro, che non abbiamo determinato ma dobbiamo gestire, abbiamo deciso di intervenire subito: oggi il CdM ha… pic.twitter.com/dl9OpBVOu0
सरकार पर वित्तीय बोझ
सरकार पर पड़ेगा 125 मिलियन यूरो का बोझ
इटली के अर्थव्यवस्था मंत्री जियानकार्लो जियोर्जेट्टी ने बताया कि डीजल टैक्स में कटौती और ट्रक ड्राइवरों व किसानों के लिए राहत योजनाओं पर सरकार को लगभग 125 मिलियन यूरो का अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि यदि ऊर्जा की कीमतें ऊंची बनी रहती हैं तो 4 अगस्त को होने वाली कैबिनेट बैठक में बिजली और गैस के बिल कम करने जैसे अतिरिक्त राहत उपायों पर भी विचार किया जाएगा।
ऊर्जा संकट की चिंता
ऊर्जा संकट से बढ़ी चिंता
सरकार का कहना है कि इटली और जर्मनी जैसे देशों पर ऊर्जा संकट का असर ज्यादा पड़ रहा है, क्योंकि उनकी अर्थव्यवस्था बड़े पैमाने पर उद्योगों और जीवाश्म ईंधन पर निर्भर है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण तेल और गैस की कीमतों में तेजी आई है, जिससे महंगाई और बढ़ने की आशंका है।
