पोलैंड में राजनीतिक संकट: टस्क सरकार और राष्ट्रपति के बीच टकराव
पोलैंड में गंभीर राजनीतिक संकट
पोलैंड, एक यूरोपीय देश, वर्तमान में गंभीर राजनीतिक और संवैधानिक संकट का सामना कर रहा है। प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क की सरकार और राष्ट्रपति कारोल नवरोकी के बीच सत्ता संघर्ष बढ़ता जा रहा है। शुक्रवार रात, वारसॉ में स्थित संवैधानिक ट्रिब्यूनल के मुख्यालय को भारी पुलिस बल और सशस्त्र सुरक्षा कर्मियों ने घेर लिया।
राष्ट्रपति की यात्रा का अचानक रद्द होना
यह घटना तब हुई जब राष्ट्रपति नवरोकी सेनेगल की आधिकारिक यात्रा पर थे, लेकिन उन्होंने यात्रा को बीच में ही रोककर वारसॉ लौटने का निर्णय लिया। इस पर विपक्ष ने टस्क सरकार पर लोकतंत्र को कमजोर करने और तख्तापलट जैसी स्थिति उत्पन्न करने का आरोप लगाया।
तख्तापलट की आशंका
सरकार और राष्ट्रवादी दक्षिणपंथी गुट के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। संवैधानिक न्यायाधिकरण के मुख्य न्यायाधीश बोगदान स्विएचकोव्स्की को निलंबित किए जाने के बाद, दंगा-रोधी पुलिस को तैनात किया गया। स्विएचकोव्स्की के हटाए जाने के विरोध में विपक्षी 'लॉ एंड जस्टिस' पार्टी (PiS) के समर्थक कोर्ट के बाहर इकट्ठा हो गए, जहां पुलिस की तैनाती थी।
https://twitter.com/TK_GOV_PL/status/2116219858354336095
कोर्ट के आधिकारिक सोशल मीडिया पर इस घटनाक्रम को तख्तापलट करार दिया गया और कहा गया कि स्विएचकोव्स्की अभी भी अपने पद पर बने हुए हैं।
सरकार और राष्ट्रपति के बीच टकराव का कारण
यह विवाद टस्क की सरकार और राष्ट्रवादी दक्षिणपंथी पार्टी PiS के बीच चल रही लड़ाई का हिस्सा है, जो न्यायाधीशों की नियुक्ति और अदालतों की स्वतंत्रता को लेकर है। PiS के शासनकाल में, यूरोपीय संघ ने कई बार चिंता जताई थी कि संवैधानिक न्यायाधिकरण सरकार के प्रभाव में काम कर रहा है। इस दौरान कोर्ट ने कई ऐसे फैसले दिए, जिनमें पोलैंड के कानूनों को प्राथमिकता दी गई।
2023 के चुनावों के बाद सत्ता में आए डोनाल्ड टस्क ने यूरोपीय संघ के साथ विवाद समाप्त करने और कानून के शासन को मजबूत करने का वादा किया था। लेकिन राष्ट्रपति नवरोकी ने संवैधानिक न्यायाधिकरण के लिए सरकार द्वारा प्रस्तावित नामों को मंजूरी नहीं दी, जिससे टकराव और बढ़ गया।
सरकार और विपक्ष की प्रतिक्रियाएँ
प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क ने इस कदम का समर्थन करते हुए कहा कि देश में कानून का शासन बहाल करना सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, 'PiS के नेतृत्व में कई सालों तक अराजकता रही। इसके बाद व्यवस्था को सुधारना कठिन और कभी-कभी दर्दनाक होता है। इसके लिए कड़े फैसले लेने पड़ते हैं।'
https://twitter.com/donaldtusk/status/2116238502027464938
वहीं, PiS के समर्थक कोर्ट के बाहर इकट्ठा हुए और टस्क के खिलाफ नारेबाजी की। एक पत्रकार के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने 'टस्क गद्दार है' के नारे लगाए। कुछ लोग धार्मिक तस्वीरें लेकर प्रार्थना करते भी नजर आए।
मुख्य न्यायाधीश का निलंबन
संवैधानिक न्यायाधिकरण की जज अन्ना कोरविन-पियोट्रोव्स्का ने इस निलंबन की घोषणा की। न्याय मंत्री और अटॉर्नी जनरल वाल्डेमार ज़ुरेक ने स्विएचकोव्स्की और उनके डिप्टी बार्टलोमी सोचान्स्की को कानूनी छूट हटाने की मांग की थी।
यह कदम पोलैंड की शीर्ष अदालत के गठन और कार्यप्रणाली को लेकर चल रहे लंबे विवाद के बीच उठाया गया है। सरकार उन जजों को हटाने की कोशिश कर रही है, जिन्हें पिछली PiS सरकार के कार्यकाल (2015 से 2023) के दौरान नियुक्त किया गया था।
