Flydubai की उड़ान में डेडहेडिंग पायलटों ने बचाई स्थिति, जानें कैसे
नई दिल्ली में फ्लाइट FZ1073 की घटना
नई दिल्ली: Flydubai की उड़ान FZ1073 में एक अप्रत्याशित घटना के बाद, विमान में मौजूद दो अतिरिक्त पायलटों ने स्थिति को संभाला और सुरक्षित लैंडिंग कराई। इस घटना ने यह सवाल उठाया कि ये पायलट कौन थे और जब वे आधिकारिक क्रू का हिस्सा नहीं थे, तो वे विमान में क्यों थे? जानकारी के अनुसार, ये दोनों पायलट 'डेडहेडिंग' के तहत यात्रा कर रहे थे, जिसका अर्थ है कि वे अपनी अगली ड्यूटी के लिए यात्रा कर रहे थे, न कि उड़ान संचालित करने के लिए।
डेडहेडिंग क्या है?
एविएशन में 'डेडहेडिंग' उस स्थिति को दर्शाता है जब किसी एयरलाइन का पायलट या क्रू मेंबर अपनी अगली ड्यूटी के लिए किसी अन्य स्थान पर जाता है, लेकिन जिस उड़ान में वह यात्रा करता है, उसे संचालित नहीं करता। उदाहरण के लिए, यदि किसी पायलट की अगली ड्यूटी मुंबई में है, लेकिन वह दिल्ली में है, तो एयरलाइन उसे दिल्ली से मुंबई जाने वाली उड़ान में सीट दे सकती है। मुंबई पहुंचने पर, वह अपनी निर्धारित उड़ान की जिम्मेदारी संभालेगा।
संकट के समय पायलटों की मदद
FZ1073 के आधिकारिक क्रू में ये दोनों पायलट शामिल नहीं थे। विमान को कैप्टन स्मित मच्छार और ओमान के एक अन्य पायलट द्वारा संचालित किया जा रहा था, लेकिन कॉकपिट में गंभीर स्थिति उत्पन्न होने पर, बाहर बैठे प्रशिक्षित पायलटों ने नियंत्रण संभालने में मदद की। एक यात्री, डैनियल श्लिक्टर ने बताया कि हर उड़ान में ऐसे अतिरिक्त पायलट नहीं होते, इसलिए उनका विमान में होना एक संयोग था।
क्या हर उड़ान में चार पायलट होते हैं?
नहीं, सामान्य उड़ानों में आमतौर पर एक कैप्टन और एक फर्स्ट ऑफिसर होते हैं। लंबी दूरी की उड़ानों में थकान और ड्यूटी-टाइम नियमों के कारण अतिरिक्त पायलट रखे जा सकते हैं, लेकिन डेडहेडिंग कर रहे पायलट अलग होते हैं। वे उस उड़ान के संचालन का हिस्सा नहीं होते, बल्कि अपनी अगली ड्यूटी तक पहुंचने के लिए यात्री के रूप में यात्रा करते हैं। FZ1073 में भी यही स्थिति थी।
