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इमरान खान की बहन अलीमा खान की गिरफ्तारी: लाहौर प्रशासन का बड़ा कदम

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की बहन अलीमा खान को लाहौर में हिरासत में लिया गया है। पीटीआई ने आरोप लगाया है कि उन्हें अगवा किया गया। लाहौर प्रशासन ने उन्हें और मोहम्मद अमीर को जन सुरक्षा के लिए खतरा बताते हुए 30 दिनों की हिरासत का आदेश दिया है। यह कार्रवाई पंजाब लोक व्यवस्था रखरखाव अध्यादेश-1960 के तहत की गई है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और इस्लामाबाद में सुरक्षा के हालात कैसे हैं।
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अलीमा खान की गिरफ्तारी का मामला

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और प्रसिद्ध क्रिकेटर इमरान खान की बहन, अलीमा खान, को हिरासत में लिया गया है। इमरान खान की पार्टी, पीटीआई, ने एक सोशल मीडिया पोस्ट में आरोप लगाया है कि अलीमा को उनके लाहौर स्थित निवास से अगवा किया गया। पार्टी ने उनकी जल्द अदालत में पेशी की मांग की है.


गिरफ्तारी का आदेश

पाकिस्तानी मीडिया के अनुसार, यह कार्रवाई लाहौर के डिप्टी कमिश्नर कार्यालय के निर्देश पर की गई। इसमें अलीमा खान और मोहम्मद अमीर को 30 दिनों तक हिरासत में रखने का आदेश दिया गया। यह सिफारिश सिविल लाइंस डिवीजन के पुलिस अधीक्षक और जिला खुफिया शाखा के प्रमुख द्वारा की गई थी, ताकि लाहौर में कानून-व्यवस्था को बनाए रखा जा सके.


कानूनी आधार

अलीमा खान के खिलाफ पंजाब लोक व्यवस्था रखरखाव अध्यादेश-1960 के तहत कार्रवाई की गई है। लाहौर के डीसी मुहम्मद अली एजाज ने आज ही यह आदेश जारी किया। इस अध्यादेश के तहत किसी भी व्यक्ति को हिरासत में लिया जा सकता है, और इसे अदालत में चुनौती नहीं दी जा सकती.


लाहौर प्रशासन का तर्क

लाहौर के डीसी ने अपने आदेश में पुलिस जांच का हवाला देते हुए अलीमा खान और मोहम्मद अमीर को जन सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि दोनों के खिलाफ पहले से कई मामले दर्ज हैं। 9 मई 2023 को इमरान खान की गिरफ्तारी के बाद हुए दंगों में अलीमा और अमीर ने सक्रिय भूमिका निभाई थी, और उन्होंने श्रमिकों को सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के लिए भड़काया था.


इस्लामाबाद में सुरक्षा बढ़ाई गई

इमरान खान, जो सेना प्रमुख आसिम मुनीर के साथ विवाद के कारण मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं, को भ्रष्टाचार के आरोप में 2023 से जेल में रखा गया है। पीटीआई के समर्थक उनकी रिहाई की मांग कर रहे हैं। 27 सितंबर को एक बड़ा देशव्यापी विरोध प्रदर्शन प्रस्तावित है, जिसके चलते इस्लामाबाद को छावनी में तब्दील कर दिया गया है। डी-चौक समेत कई रास्तों को कंटेनर से बंद कर दिया गया है.