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कनाडा में भारतीय महिला की हत्या: आरोपी की गिरफ्तारी और सुरक्षा उपाय

कनाडा के टोरंटो में भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना की हत्या के मामले में आरोपी अब्दुल गफूरी को गिरफ्तार कर लिया गया है। यह गिरफ्तारी हत्या के लगभग सात महीने बाद हुई। पुलिस ने इसे 'इंटीमेट पार्टनर हिंसा' के रूप में वर्गीकृत किया है। इस मामले के बाद, भारतीय वाणिज्य दूतावास ने महिलाओं की सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर की स्थापना की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कनाडा में महिलाओं की सुरक्षा के उपायों के बारे में।
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हिमांशी खुराना की हत्या का मामला

कनाडा के टोरंटो में भारतीय मूल की महिला हिमांशी खुराना की हत्या के संदर्भ में पुलिस ने अब्दुल गफूरी नामक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। यह गिरफ्तारी हत्या के लगभग सात महीने बाद टोरंटो के एक एयरपोर्ट से हुई। अब्दुल पर फर्स्ट डिग्री मर्डर का आरोप लगाया गया है.


गिरफ्तारी की प्रक्रिया

फरार आरोपी को पकड़ने के लिए फ्यूजिटिव स्क्वाड और होमिसाइड एंड मिसिंग पर्सन्स यूनिट ने कनाडा और अन्य देशों की पुलिस एजेंसियों के साथ मिलकर काम किया। जानकारी के अनुसार, हिमांशी और अब्दुल एक-दूसरे को जानते थे और उनके बीच करीबी संबंध था.


पुलिस की कार्रवाई

हिमांशी की हत्या के बाद, पुलिस ने अब्दुल गफूरी को मुख्य संदिग्ध माना और उसकी गिरफ्तारी के लिए पूरे कनाडा में वारंट जारी किया। वह लगभग सात महीने तक पुलिस से बचता रहा, लेकिन अंततः 7 अगस्त को टोरंटो एयरपोर्ट से उसे गिरफ्तार कर लिया गया.


इंटीमेट पार्टनर हिंसा

हिमांशी खुराना को पिछले साल 20 दिसंबर को मृत पाया गया था। 19 दिसंबर को पुलिस को एक गुमशुदगी की रिपोर्ट मिली थी, जिसके बाद अगले दिन वह एक घर के अंदर मृत पाई गईं। भारत के टोरंटो स्थित कॉन्सुलेट जनरल ने पुष्टि की कि वह भारतीय नागरिक थीं. प्रारंभिक जांच के बाद, पुलिस ने इसे 'इंटीमेट पार्टनर हिंसा' के रूप में वर्गीकृत किया.


कनाडाई अधिकारियों की प्रतिक्रिया

इस मामले पर टोरंटो में भारतीय कांसुलेट जनरल ने हिमांशी की हत्या पर गहरा दुख व्यक्त किया और कहा कि वे कनाडाई अधिकारियों के साथ मिलकर परिवार को हर संभव सहायता प्रदान कर रहे हैं.


अब्दुल गफूरी पर वारंट

अब्दुल गफूरी पर कनाडा में फर्स्ट-डिग्री मर्डर का वारंट जारी था। यदि अदालत में यह साबित हो जाता है कि हत्या पूर्व नियोजित थी, तो उसे बिना पैरोल के उम्रकैद की सजा हो सकती है. यह मामला ऐसे समय में सामने आया है जब टोरंटो में भारतीय मूल की महिलाओं की हत्या के अन्य मामले भी चर्चा में रहे हैं.


वन स्टॉप सेंटर की स्थापना

हिमांशी की हत्या के बाद, कनाडा में भारतीय वाणिज्य दूतावास ने महिलाओं की सहायता के लिए वन स्टॉप सेंटर (OSCW) की स्थापना की। यह सेंटर उन भारतीय महिलाओं की मदद करेगा जो घरेलू हिंसा, शोषण या कानूनी परेशानियों का सामना कर रही हैं. सेंटर में महिलाओं को काउंसलिंग, मानसिक सहायता, कानूनी सलाह और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान की जाएंगी.