डोनाल्ड ट्रंप का भारत पर टैरिफ लगाने का विवाद
ट्रंप का भारत के प्रति टैरिफ दृष्टिकोण
डोनाल्ड ट्रंप हमेशा से भारत पर उच्च टैरिफ लगाने के समर्थक रहे हैं। उन्होंने कई बार सार्वजनिक रूप से भारत को 'टैरिफ किंग' की उपाधि दी है। उनका मानना था कि भारत ने अमेरिकी उत्पादों पर अत्यधिक टैरिफ लगा रखा है। जब अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने ट्रंप को आंकड़े प्रस्तुत किए, तो वह न केवल चौंके, बल्कि वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक के साथ तीखी बहस में भी उलझ गए। ट्रंप को यह आंकड़े उनकी अपेक्षाओं से कम लगे।
ट्रंप और लुटनिक के बीच टकराव
न्यूयॉर्क टाइम्स के पत्रकारों मैगी हैबरमैन और जोनाथन स्वान की पुस्तक 'रेजिम चेंज: इनसाइड द इंपीरियल प्रेसिडेंसी ऑफ डोनाल्ड ट्रंप' में लुटनिक और ट्रंप के बीच इस टकराव का उल्लेख किया गया है। इस किताब में ट्रंप के दूसरे कार्यकाल के 14 महीनों का विवरण है, जिसमें सरकार के सदस्यों के इंटरव्यू शामिल हैं। पिछले साल अप्रैल में, ट्रंप प्रशासन ने विभिन्न देशों पर टैरिफ लगाने की योजना का ऐलान किया था, जिसके दौरान प्रशासन के भीतर मतभेद भी उभरकर सामने आए।
ट्रंप की टैरिफ आंकड़ों की मांग
ट्रंप को विश्वास था कि भारत ने अमेरिकी सामानों पर कम से कम 175 प्रतिशत या उससे अधिक टैरिफ लगाया है। उन्होंने आंकड़ों की मांग करते हुए कहा, 'किसी ने भी मुझे कोई आंकड़े नहीं दिए हैं। चीन हम पर कितना टैरिफ लगाता है, भारत हम पर कितना टैरिफ लगाता है, इसके ठोस तथ्य नहीं हैं। तुम मुझे बकवास आंकड़े दे रहे हो।'
ट्रंप का आंकड़ों पर असंतोष
जब वाणिज्य सचिव हॉवर्ड लुटनिक ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के आंकड़े ट्रंप के सामने प्रस्तुत किए, तो उन्होंने इन आंकड़ों को खारिज कर दिया। ट्रंप ने कहा, 'ये बकवास आंकड़े हैं।' तथ्य को समझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह अपनी धारणा को बदलने के लिए तैयार नहीं थे। उन्होंने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय पर गलत जानकारी देने का आरोप लगाया।
भारत पर टैरिफ का आंकड़ा
ट्रंप प्रशासन के आंकड़ों में यह दावा किया गया कि भारत ने ऑटोमोबाइल पर 100% और 37% से अधिक टैरिफ लगाया है। अप्रैल में अमेरिका ने भारत पर 25% रेसिप्रोकल टैरिफ लगाया। अगस्त में, रूस से तेल खरीदने पर 25% अतिरिक्त टैरिफ का ऐलान किया गया। कुल मिलाकर, भारत पर 50% टैरिफ लागू किया गया। हालांकि, अदालत ने अमेरिका के इन टैरिफों को अवैध घोषित कर दिया है।
