पाकिस्तान के रक्षा मंत्री का इजरायल और भारत के खिलाफ बयान, मक्का रक्षा समझौते पर चर्चा
मक्का रक्षा समझौते की पृष्ठभूमि
सऊदी अरब, पाकिस्तान और तुर्की के बीच हाल ही में हुए मक्का रक्षा समझौते ने काफी ध्यान आकर्षित किया है। आधिकारिक बयान में यह स्पष्ट किया गया है कि यह समझौता किसी विशेष देश के खिलाफ नहीं है। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने इस पर अलग राय व्यक्त की है। उन्होंने इसे इस्लामिक नाटो बनाने की दिशा में एक कदम बताया है और भारत तथा इजरायल के खिलाफ एक संयुक्त सैन्य मोर्चा बनाने का समर्थन किया।
आतंकवाद के खिलाफ साझा खतरा
ख्वाजा आसिफ ने कहा कि पाकिस्तान, सऊदी अरब और तुर्की सभी आतंकवाद के खतरे का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत समर्थित आतंकवादी अफगानिस्तान से पाकिस्तान में घुसपैठ कर रहे हैं। आसिफ ने यह भी कहा कि पिछले साल भारत के साथ एक युद्ध हुआ था, जो एक तथ्य है। उन्होंने मुस्लिम देशों को एकजुट होकर आतंकवाद के खिलाफ खड़ा होने का आह्वान किया।
इजरायल के खिलाफ एकजुटता की अपील
ख्वाजा आसिफ ने इजरायल को अवैध बताते हुए कहा कि यह पूरे मुस्लिम समुदाय के लिए खतरा है। उन्होंने सभी मुस्लिम देशों से इजरायल के खिलाफ एक संयुक्त मोर्चा बनाने की अपील की। आसिफ ने कहा कि इजरायल की स्थापना 1940 के दशक में एक अवैध राज्य के रूप में हुई थी और फिलिस्तीनियों को अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करना पड़ा है।
इजरायल के प्रति आसिफ की कड़ी टिप्पणी
उन्होंने कहा कि इजरायल में चाहे कोई भी सत्ता में आए, फिलिस्तीनियों के प्रति उनका रवैया नहीं बदलेगा। आसिफ ने यह भी कहा कि जब तक फिलिस्तीनी मुद्दे का स्थायी समाधान नहीं होता, तब तक इस्लामी दुनिया को एकजुट होकर इजरायल के खिलाफ खड़ा होना होगा।
मक्का रक्षा समझौते का महत्व
यह ध्यान देने योग्य है कि ख्वाजा आसिफ ने पहले भी इजरायल को मानवता का अभिशाप बताया था, लेकिन अमेरिका के दबाव में उन्होंने अपना बयान वापस ले लिया था। उनका यह ताजा बयान मक्का रक्षा समझौते के एक दिन बाद आया है, जिसमें पाकिस्तान, तुर्की और सऊदी अरब ने एक साथ मिलकर एक रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए। इस समझौते के अनुसार, यदि किसी एक देश पर हमला होता है, तो इसे सभी देशों पर हमला माना जाएगा।
