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पाकिस्तान में पर्वतारोही निर्मल पुरजा लापता, खोज अभियान जारी

प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुरजा पाकिस्तान में पर्वतारोहण करते समय लापता हो गए हैं। उनके साथ 9 अन्य पर्वतारोही भी हैं, जिनका कोई सुराग नहीं मिला है। यह घटना काकोरम रेंज की पहाड़ियों पर हुई, जब अचानक एक बर्फीला तूफान आया। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान ने खोज और बचाव अभियान शुरू कर दिया है। जानें इस घटना के बारे में और क्या है ब्रॉड पीक की विशेषताएँ।
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पर्वतारोहण के दौरान निर्मल पुरजा का लापता होना

प्रसिद्ध पर्वतारोही निर्मल पुरजा पाकिस्तान में पर्वतारोहण करते समय लापता हो गए हैं। उनके साथ 9 अन्य पर्वतारोही भी हैं, जिनका कोई सुराग नहीं मिला है। यह घटना काकोरम रेंज की पहाड़ियों पर हुई, जब अचानक एक बर्फीला तूफान आया और सभी का संपर्क टूट गया।


निर्मल पुरजा का पर्वतारोहण अनुभव

निर्मल पुरजा, जिन्हें निम्स दाई के नाम से भी जाना जाता है, विश्वभर में प्रसिद्ध हैं। वह एक दल का नेतृत्व कर रहे थे, जिसमें 10 अंतरराष्ट्रीय पर्वतारोही शामिल थे। यह दल पाकिस्तान के उत्तरी क्षेत्र में स्थित 'ब्रॉड पीक' पर चढ़ाई कर रहा था, जब वे हिमस्खलन का शिकार हो गए।


हादसे की जानकारी

'अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान' के उपाध्यक्ष कर्रार हैदरी ने बताया कि क्लब को जानकारी मिली है कि निम्स दाई के नेतृत्व वाला दल हिमस्खलन में फंस गया है और तब से संपर्क नहीं हो पाया है। इस दल में 5 नेपाली पर्वतारोही, पाकिस्तान के सोहेल साखी, ओमान की नाथिरा, अमेरिकी पर्वतारोही मैलोरी गीस, और एक चीनी पर्वतारोही शामिल हैं।


खोज और बचाव अभियान

क्लब के अध्यक्ष मेजर जनरल इरफान अरशद और अन्य वरिष्ठ अधिकारी सरकारी एजेंसियों के साथ मिलकर तत्काल खोज और बचाव अभियान शुरू करने के प्रयास में हैं। मौसम की स्थिति को ध्यान में रखते हुए, हेलीकॉप्टर और अन्य बचाव संसाधनों को जुटाने की कोशिश की जा रही है।


ब्रॉड पीक की विशेषताएँ

ब्रॉड पीक, जो काराकोरम पर्वत श्रृंखला में स्थित है, 8,047 मीटर ऊँची है और यह दुनिया की 12वीं सबसे ऊँची चोटी मानी जाती है। पाकिस्तान में कई ऊँची पर्वत चोटियाँ हैं, जहाँ हर साल पर्वतारोही चढ़ाई करने आते हैं। अल्पाइन क्लब ऑफ पाकिस्तान स्थिति पर नजर बनाए हुए है और सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय कर रहा है।


निर्मल पुरजा का परिचय

निर्मल पुरजा नेपाली मूल के हैं। उन्होंने 2009 में रॉयल मरीन में शामिल होने के बाद पर्वतारोहण में अपनी पहचान बनाई। 2012 में, वह एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचे और 2003 में ब्रिटिश सेना में शामिल हुए। उन्होंने 6,119 मीटर ऊँचे लोबुचे ईस्ट पर्वत पर भी चढ़ाई की है।