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शहबाज शरीफ का ट्रंप को धन्यवाद: ऑपरेशन सिंदूर और जल विवाद पर बयान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने सिंधु नदी के पानी पर चेतावनी दी और भारत के खिलाफ आरोप लगाए कि वह जल संधि का उल्लंघन कर रहा है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और ट्रंप के हस्तक्षेप का महत्व।
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शहबाज शरीफ का UNGA में बयान

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने शुक्रवार को संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को ऑपरेशन सिंदूर को रोकने के लिए धन्यवाद दिया। यह ऑपरेशन भारत द्वारा पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में शुरू किया गया था, जिसमें पाकिस्तान को गंभीर नुकसान उठाना पड़ा था।


ट्रंप का मध्यस्थता का दावा

डोनाल्ड ट्रंप ने बार-बार कहा है कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच मध्यस्थता की, और टैरिफ लगाने की धमकी देकर युद्ध को टालने में मदद की। इस संदर्भ में, शहबाज शरीफ ने ट्रंप के समय पर हस्तक्षेप के लिए आभार व्यक्त किया।


सिंधु नदी के पानी पर चेतावनी

शहबाज शरीफ ने UNGA में चेतावनी दी कि यदि पाकिस्तान के हिस्से के सिंधु नदी के पानी को रोकने या मोड़ने का प्रयास किया गया, तो इसे युद्ध का कार्य माना जाएगा। उन्होंने इसे दक्षिण एशिया के लिए एक संवेदनशील मुद्दा बताया।


ट्रंप के हस्तक्षेप का महत्व

शहबाज शरीफ ने कहा कि ट्रंप का हस्तक्षेप उस समय आया जब दोनों देशों के बीच युद्ध की स्थिति बन रही थी। उन्होंने कहा कि यदि ट्रंप ने तत्काल कदम नहीं उठाया होता, तो स्थिति और भी गंभीर हो सकती थी।


भारत का ट्रंप के हस्तक्षेप पर प्रतिक्रिया

भारत के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मई 2025 में हुआ युद्धविराम दोनों देशों के बीच सीधी बातचीत का परिणाम था, जिसमें किसी तीसरे पक्ष की भूमिका नहीं थी।


सिंधु जल संधि पर शहबाज शरीफ का बयान

शहबाज शरीफ ने सिंधु जल संधि को लेकर भारत पर आरोप लगाया कि भारत का इस संधि को स्थगित करने का निर्णय गैरकानूनी है। उन्होंने कहा कि यह संधि अब भी वैध है और इसे रोकने का प्रयास युद्ध का कारण बन सकता है।


ऑपरेशन सिंदूर का संदर्भ

ऑपरेशन सिंदूर 6 से 7 मई 2025 की रात को शुरू किया गया था, जब पाकिस्तान के आतंकियों ने पहलगाम में नागरिकों पर हमला किया था। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे। भारत ने इस ऑपरेशन के बाद पाकिस्तान का पानी रोक दिया था।