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PM मोदी और पुतिन की मुलाकात: शांति और सहयोग की नई दिशा

रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच बिश्केक में हुई बैठक में शांति, व्यापार और रक्षा के मुद्दों पर चर्चा की गई। पीएम मोदी ने यूक्रेन संघर्ष पर भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट करते हुए कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता को नुकसान पहुंचाता है। दोनों नेताओं ने अपने देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहलुओं पर विचार किया। जानें इस महत्वपूर्ण वार्ता में और क्या हुआ खास।
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नई दिल्ली में मोदी-पुतिन की महत्वपूर्ण बैठक


नई दिल्ली: रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने बिश्केक में आयोजित SCO शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात की। इस वार्ता में पीएम मोदी ने यूक्रेन संकट पर भारत का दृष्टिकोण स्पष्ट किया और कहा कि युद्ध का हर दिन मानवता के लिए हानिकारक है। उन्होंने यह भी कहा कि अब समय आ गया है कि अंतहीन युद्ध से बाहर निकलकर शांति की ओर बढ़ा जाए।


मोदी का शांति का संदेश

शांति का संदेश लेकर आए मोदी   


लगभग 30 मिनट तक चली इस द्विपक्षीय बैठक की शुरुआत पीएम मोदी ने पुतिन से हाथ मिलाकर और गले मिलकर की। बैठक के बाद, मोदी ने X पर एक वीडियो साझा किया और लिखा, "राष्ट्रपति पुतिन से मिलकर हमेशा खुशी होती है।"




पीएम मोदी ने कहा, "महामहिम, मेरे दोस्त, आपसे मिलकर मुझे खुशी हो रही है।" उन्होंने यह भी बताया कि पुतिन की पिछली भारत यात्रा बहुत सफल रही थी, जिससे दोनों देशों के आर्थिक संबंधों में मजबूती आई। मोदी ने कहा कि दिल्ली में हुई बैठक के निर्णयों को लागू करने में दोनों देशों के अधिकारी सक्रिय हैं।


उन्होंने यह भी कहा कि भारत हमेशा शांति का समर्थन करेगा और वह महात्मा गांधी और गौतम बुद्ध की भूमि से शांति का संदेश लेकर आए हैं। दोनों देश अपने राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखते हुए आगे बढ़ सकते हैं।


व्यापार, ऊर्जा और रक्षा पर चर्चा

व्यापार, ऊर्जा और रक्षा पर फोकस   


इस द्विपक्षीय वार्ता में भारत-रूस संबंधों के महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई, जिसमें व्यापार, निवेश, ऊर्जा और रक्षा शामिल थे। पुतिन ने कहा कि पीएम मोदी के व्यक्तिगत प्रयासों के कारण रूस-भारत संबंधों में मजबूती आई है। 2025 में दोनों देशों के बीच पर्यटकों का आवागमन 16 प्रतिशत बढ़ा है।


यह बैठक सालाना BRICS शिखर सम्मेलन के लिए पुतिन की भारत यात्रा से एक सप्ताह पहले हुई है। पीएम मोदी ने कहा कि भारतीय पुतिन के आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं और उनकी उपस्थिति से मॉस्को और नई दिल्ली के बीच संबंध और मजबूत होंगे। अधिकारियों ने बताया कि रक्षा, ऊर्जा, व्यापार और निवेश जैसे पारंपरिक क्षेत्रों पर चर्चा की गई।


कार डिप्लोमेसी का पुनरुत्थान

फिर दिखी कार डिप्लोमेसी    


एक बार फिर कार डिप्लोमेसी का नजारा देखने को मिला। इसकी शुरुआत पिछले साल चीन के तियानजिन में SCO समिट के दौरान पीएम मोदी और पुतिन के बीच हुई थी। जब पुतिन कुछ महीनों बाद भारत आए थे, तब भी यह सिलसिला जारी रहा। अब बिश्केक में भी दोनों नेताओं ने वर्ल्ड नोमैड गेम्स देखने के लिए एक साथ कार से यात्रा की।