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PoK में बढ़ते तनाव के बीच प्रदर्शनकारियों का आंदोलन जारी, क्या है असली वजह?

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में हालात बेहद तनावपूर्ण हैं, जहां जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने सुरक्षा बलों की कार्रवाई के खिलाफ आंदोलन जारी रखने का ऐलान किया है। हाल ही में हुई घटनाओं में नागरिकों की मौत के दावे किए गए हैं, जबकि स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में गोलीबारी की घटनाएं भी सामने आई हैं। पत्रकारों ने सरकार के रवैये पर सवाल उठाते हुए स्वतंत्र रिपोर्टिंग की अनुमति न मिलने की बात कही है। जानें इस आंदोलन की असली वजह और क्या है आगे की स्थिति।
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पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में स्थिति गंभीर


नई दिल्ली: पाकिस्तान के कब्जे वाले जम्मू-कश्मीर (PoK) में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। जॉइंट अवामी एक्शन कमेटी (JAAC) ने यह दावा किया है कि पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की कार्रवाई के बावजूद आंदोलन थमने वाला नहीं है। संगठन का कहना है कि पिछले 48 घंटों में सुरक्षा बलों की कार्रवाई में 31 नागरिकों की जान गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है और पाकिस्तान सरकार की ओर से इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


आंदोलन को जारी रखने का संकल्प

JAAC के वरिष्ठ नेता सरदार उमर नजीर कश्मीरी ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों पर लगातार बल प्रयोग किया जा रहा है। उनका कहना है कि जब तक लोगों की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि सुरक्षा एजेंसियां विरोध को दबाने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन प्रदर्शनकारी पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।


संगठन के एक अन्य नेता सरदार अमन कश्मीरी ने कहा कि आंदोलन मुजफ्फराबाद तक जारी रहेगा। उन्होंने यह भी कहा कि चाहे कितनी भी कठिनाइयाँ आएं, लोग अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करते रहेंगे।


मीरपुर की घटना से बढ़ा तनाव

स्थानीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मीरपुर की बिलाल मस्जिद में नमाज के दौरान गोलीबारी की घटना हुई। रिपोर्ट में कहा गया है कि इस घटना में मौलाना इनायतुल्लाह की सिर में गोली लगने से मौत हो गई। हालांकि, इस घटना की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।


JAAC का कहना है कि हाल की घटनाओं के बाद लोगों में पाकिस्तान सरकार और सुरक्षा बलों के खिलाफ नाराजगी बढ़ गई है। संगठन का आरोप है कि प्रदर्शनकारियों को डराने के लिए बल का प्रयोग किया जा रहा है।


मीडिया पर उठे सवाल

पाकिस्तानी पत्रकार शहजाद इकबाल ने भी सरकार के रवैये पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि PoK में हो रहे विरोध प्रदर्शनों की स्वतंत्र रिपोर्टिंग करने की अनुमति मीडिया को नहीं दी जा रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्रकारों को घटनास्थलों तक पहुंचने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।


उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि यदि प्रदर्शनकारी सरकार के अनुसार बाहरी इशारों पर काम कर रहे थे, तो उनकी अधिकांश मांगों को स्वीकार क्यों किया गया। फिलहाल PoK की स्थिति को लेकर विभिन्न दावे सामने आ रहे हैं।