SCO समिट में भारत-पाकिस्तान तनाव: क्या है तस्वीर का सच?
भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: शंघाई सहयोग संगठन (SCO) समिट के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव एक बार फिर से सुर्खियों में है। इस बार विवाद किसी बयान या बैठक से नहीं, बल्कि सोशल मीडिया पर साझा की गई एक तस्वीर से उत्पन्न हुआ है। आरोप है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय ने SCO नेताओं की ग्रुप फोटो को संपादित कर पोस्ट किया, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को हटा दिया गया है। इस तस्वीर के सामने आने के बाद पाकिस्तान के इस कदम पर सोशल मीडिया पर तीखी चर्चा शुरू हो गई है।
तस्वीर कब और कहां खींची गई?
दरअसल, मंगलवार को बिश्केक में SCO सम्मेलन के दौरान सभी सदस्य देशों के नेताओं ने एक ग्रुप फोटो खींचवाई थी। असली तस्वीर में सभी 10 देशों के नेता शामिल थे। लेकिन पाकिस्तान द्वारा साझा की गई तस्वीर में पीएम मोदी और कुछ अन्य नेताओं को हटा दिया गया, जबकि पाकिस्तानी प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ को तस्वीर के केंद्र में रखा गया।
Prime Minister Muhammad Shehbaz Sharif in a group photo with heads of States at the SCO Council of Heads of State Summit in Bishkek, Kyrgyzstan on 1 September 2026. pic.twitter.com/3lsruWHaYV
— Prime Minister's Office (@PakPMO) September 1, 2026
सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रिया
जैसे ही पाकिस्तान की यह पोस्ट सामने आई, सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने तस्वीर की तुलना मूल फोटो से करना शुरू कर दिया। कई लोगों ने पीएम मोदी द्वारा साझा की गई पूरी तस्वीर को पोस्ट कर दोनों तस्वीरों के बीच का अंतर दिखाया। इसके बाद पाकिस्तान के प्रधानमंत्री कार्यालय की डिजिटल टीम पर सवाल उठने लगे।
यह मामला केवल तस्वीर तक सीमित नहीं रहा। शहबाज शरीफ के आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट से साझा किए गए SCO बैठक के एक वीडियो पर भी लोगों ने सवाल उठाए हैं। दावा किया जा रहा है कि इस वीडियो में भी पीएम मोदी को हटा दिया गया है।
मोदी, जिनपिंग और पुतिन की मुलाकात
SCO समिट के दौरान पीएम मोदी ने चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से भी मुलाकात की। तीनों नेताओं ने एक-दूसरे का अभिवादन किया और थोड़ी देर बातचीत की। वहीं, शहबाज शरीफ को भी पुतिन के साथ बातचीत करते हुए देखा गया।
आतंकवाद पर पीएम मोदी का संदेश
SCO सम्मेलन में पीएम मोदी ने आतंकवाद के मुद्दे पर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने बिना किसी देश का नाम लिए कहा कि आतंकवाद को अपनी नीति का हिस्सा बनाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। उन्होंने आतंकवाद की फंडिंग और उसके नेटवर्क को समाप्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। पहलगाम आतंकी हमले और उसके बाद भारत-पाकिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के कारण SCO समिट के दौरान दोनों देशों की गतिविधियों पर लोगों की नजर बनी हुई है।
