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UAE पर यमन में हूती विद्रोहियों की मदद का आरोप: सऊदी अरब के साथ बढ़ी दरार

संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को गुप्त सहायता देने का गंभीर आरोप लगाया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, UAE सऊदी समर्थित बलों के खिलाफ हूतियों को खुफिया जानकारी प्रदान कर रहा है। यह आरोप उस समय आया है जब सऊदी अरब और UAE के बीच संबंधों में खटास आ गई है। दोनों देशों ने यमन में अलग-अलग गुटों को समर्थन देना शुरू कर दिया है। अमेरिका ने UAE को चेतावनी दी है कि वह इस सहायता को रोक दे। यमन में संघर्ष की स्थिति भी तेजी से बढ़ रही है।
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संयुक्त अरब अमीरात पर गंभीर आरोप


नई दिल्ली: यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों को गुप्त सहायता देने का आरोप संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर लगाया गया है। एक जांच वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, UAE यमन में सऊदी समर्थित सरकारी बलों के खिलाफ हूतियों को खुफिया जानकारी और लक्ष्यों की पहचान में सहायता कर रहा है। हालांकि, रिपोर्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि यह सहायता केवल यमन के भीतर ही सीमित है, सऊदी अरब में हमलों के लिए नहीं।


सऊदी अरब और UAE के बीच बढ़ती दूरी

यह आरोप उस समय सामने आया है जब यमन के मुद्दे पर सऊदी अरब और UAE के बीच संबंधों में खटास आ गई है। दोनों देश 2015 में यमन में हूतियों के खिलाफ एकजुट होकर उतरे थे, जब हूतियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। लेकिन बाद में, दोनों ने अलग-अलग गुटों को समर्थन देना शुरू कर दिया। सऊदी ने मान्यता प्राप्त यमनी सरकार का समर्थन किया, जबकि UAE ने दक्षिणी अलगाववादी संगठन दक्षिणी संक्रमणकालीन परिषद (STC) को समर्थन दिया।


पिछले साल दिसंबर में, सऊदी अरब ने UAE पर अलगाववादियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया था। इसके बाद यमनी सरकार ने UAE से अपनी सेना वापस बुलाने की मांग की, और जनवरी 2026 में UAE ने यमन से अपनी सेना हटाने का निर्णय लिया।


UAE की सहायता का तरीका

रिपोर्ट के अनुसार, चार स्रोतों ने बताया कि UAE से जुड़े यमनी बल हूतियों को सऊदी समर्थित बलों को निशाना बनाने में मदद कर रहे हैं। दो अन्य स्रोतों ने यह भी दावा किया कि UAE खुद सीधे खुफिया जानकारी प्रदान कर रहा है। एक यमनी सूत्र ने कहा कि UAE ने सना में हूती अधिकारियों को बड़ी मात्रा में इंटेलिजेंस दी है और हूती नेताओं ने UAE समर्थक कमांडरों से संपर्क भी किया है। इस पर UAE ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है।


इस सहायता का प्रभाव हाल के हमलों में देखा गया है। 2 और 7 अक्टूबर को अदन के पश्चिम में गठबंधन के सैन्य अड्डे पर सटीक हमले किए गए, जिसमें हूतियों ने पहले से सैनिकों की लोकेशन का पता लगा लिया था।


अमेरिका की चेतावनी

रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस मुद्दे पर UAE को चेतावनी दी है और सहायता रोकने का अनुरोध किया है। वहीं, हूती नेता मोहम्मद अल-बुखैती ने कहा कि इसका मतलब यह नहीं है कि UAE और हूती सऊदी के खिलाफ एकजुट हैं। UAE संघर्ष में तटस्थ रहने का दावा कर रहा है।


यमन में संघर्ष की तीव्रता

पिछले महीने, हूतियों ने लाल सागर तट के कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर कब्जा कर लिया और सऊदी के एयरपोर्ट, बंदरगाह और तेल ठिकानों पर हमले किए। इसके जवाब में, सऊदी ने भी हूतियों के मिसाइल ठिकानों पर बमबारी तेज कर दी है। एक इजरायली अखबार के अनुसार, सऊदी ने युद्धविराम के लिए हूतियों को 1 अरब डॉलर की पेशकश भी की है।