UN महासचिव की पाकिस्तान यात्रा: कश्मीर, सिंधु जल संधि और अफगानिस्तान पर चर्चा
महत्वपूर्ण मुलाकात का आयोजन
पाकिस्तान के रावलपिंडी में बुधवार को संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस और सेना प्रमुख फील्ड मार्शल असीम मुनीर के बीच एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस मुलाकात में क्षेत्रीय सुरक्षा, अंतरराष्ट्रीय शांति और आपसी हितों पर चर्चा की गई। जम्मू-कश्मीर, सिंधु जल संधि और अफगानिस्तान से उत्पन्न सुरक्षा चुनौतियों जैसे मुद्दे भी उठाए गए।
कश्मीर का मुद्दा फिर से उठाया गया
बैठक के दौरान जम्मू-कश्मीर विवाद पर विचारों का आदान-प्रदान हुआ। पाकिस्तान ने हमेशा से संयुक्त राष्ट्र के मंच पर कश्मीर का मुद्दा उठाया है। हाल के दस्तावेजों में भी पाकिस्तान ने कश्मीर और भारत-पाक संबंधों पर अपने विचार प्रस्तुत किए हैं। भारत इस मुद्दे को अपने अभिन्न हिस्से के रूप में देखता है और पाकिस्तान के दावों को खारिज करता है।
सिंधु जल संधि पर चर्चा
बैठक में सिंधु जल संधि का विषय भी शामिल रहा। पाकिस्तान ने भारत के द्वारा संधि को होल्ड पर रखने के निर्णय को गंभीर चिंता का विषय बताया। भारत ने इसे सुरक्षा और आतंकवाद से जुड़े घटनाक्रमों के संदर्भ में रखा है। यह संधि 1960 में भारत, पाकिस्तान और विश्व बैंक के बीच हुई थी।
अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा पर चर्चा
असीम मुनीर और गुटेरेस के बीच बातचीत में अफगानिस्तान से उत्पन्न आतंकवाद और क्षेत्रीय स्थिरता का मुद्दा भी शामिल रहा। पाकिस्तान की सुरक्षा नीति में अफगानिस्तान से लगी सीमा और वहां सक्रिय आतंकवादी संगठनों की चिंता महत्वपूर्ण है।
पाकिस्तान का शांति अभियानों में योगदान
पाकिस्तानी सेना के अनुसार, मुनीर ने संयुक्त राष्ट्र शांति अभियानों में पाकिस्तान के योगदान का उल्लेख किया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय शांति और स्थिरता में संयुक्त राष्ट्र की भूमिका की सराहना की। गुटेरेस ने भी आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में पाकिस्तान के योगदान को स्वीकार किया।
गुटेरेस की यात्रा का महत्व
गुटेरेस की पाकिस्तान यात्रा के दौरान राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी और उपप्रधानमंत्री इशाक डार से भी बातचीत हुई। उन्होंने भारत और पाकिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सैन्य पर्यवेक्षक समूह के अधिकारियों से भी मुलाकात की। यह यात्रा दक्षिण एशिया में सुरक्षा और संवाद के मुद्दों पर उच्चस्तरीय कूटनीतिक गतिविधि के रूप में देखी जा रही है।
