अब्दुल अल-सैयद: अमेरिका के पहले मुस्लिम सीनेटर और कर्नाटक के संबंध
अब्दुल अल-सैयद का ऐतिहासिक चुनाव
अमेरिका ने अपने पहले मुस्लिम सीनेटर का चुनाव किया है। डेमोक्रेट अब्दुल अल-सैयद ने 3 नवंबर को हुए मध्यावधि चुनावों में मिशिगन की सीनेट सीट जीतकर एक नया इतिहास रचा है। इस चुनाव में देशभर में डेमोक्रेटिक पार्टी की लहर देखी गई। हालांकि, बहुत से लोग नहीं जानते कि अल-सैयद का कर्नाटक से भी संबंध है। उनकी पत्नी, डॉ. सारा जुकाकू, पूर्व मैसूर राज्य सरकार के एक मंत्री की पोती हैं। सारा का परिवार कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के भटकल से संबंधित है, जो मंगलुरु से लगभग 140 किमी उत्तर में स्थित है। उनके दादा, जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू, एक प्रसिद्ध वकील, शिक्षाविद और राजनेता थे। उन्होंने 1950 के दशक में तत्कालीन मैसूर राज्य सरकार में उप-वित्त मंत्री के रूप में कार्य किया। उल्लेखनीय है कि मैसूर राज्य का गठन 1950 में हुआ था जब मैसूर साम्राज्य को भारतीय गणराज्य में शामिल किया गया।
जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू का योगदान
जे.एच. शम्सुद्दीन जुकाकू भटकल के एक प्रमुख वकील और सार्वजनिक व्यक्ति थे, जो नवायात मुस्लिम समुदाय से संबंधित थे। यह समुदाय एक प्राचीन मुस्लिम व्यापारी समुदाय है, जो अरब प्रायद्वीप, ईरान और इराक से आया था और दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में बसा। 'द इंडियन एक्सप्रेस' की एक रिपोर्ट के अनुसार, शम्सुद्दीन अपने समुदाय के पहले व्यक्ति थे जिन्होंने वकालत की डिग्री प्राप्त की और बाद में मंत्री बने। उन्होंने 1946 में बॉम्बे लेजिस्लेटिव असेंबली के लिए चुनाव जीते और बाद में मैसूर लेजिस्लेटिव असेंबली में होन्नावर निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया।
भटकल से अमेरिका तक का सफर
शम्सुद्दीन के बेटे, डॉ. जुकाकू एस. तैयब, बेहतर अवसरों की तलाश में भटकल से बाहर चले गए। उन्होंने बैंगलोर मेडिकल कॉलेज से अपनी पढ़ाई पूरी की और बाद में सऊदी अरब में काम किया। 1980 के दशक में अमेरिका जाने से पहले, उन्होंने मिशिगन के बॉन सेकर्स अस्पताल में इंटरनल मेडिसिन में रेजीडेंसी पूरी की। सारा का जन्म और पालन-पोषण मिशिगन में हुआ, और उनके माता-पिता ने सुनिश्चित किया कि वे अपनी भारतीय जड़ों से जुड़ी रहें।
सारा जुकाकू और अब्दुल अल-सैयद की प्रेम कहानी
सारा ने यूनिवर्सिटी ऑफ मिशिगन में पढ़ाई की, जहाँ उनकी मुलाकात अल-सैयद से हुई। दोनों ने 2006 में शादी की। सारा ने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से आगे की पढ़ाई की और 2015 में कोलंबिया यूनिवर्सिटी से मेडिकल की डिग्री प्राप्त की। अल-सैयद ने अपनी पत्नी की भारतीय विरासत के प्रति अपने जुड़ाव के बारे में सार्वजनिक रूप से बात की है।
