अमेरिका-ईरान तनाव: ट्रंप के दावों पर ईरान की कड़ी प्रतिक्रिया
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर से चर्चा का विषय बन गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान पर संभावित सैन्य हमले की चेतावनी दी थी, लेकिन बाद में इसे टालने का निर्णय लिया। इस पर ईरान ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। ईरानी सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के दावों को खारिज करते हुए कहा कि अमेरिका अपनी कमजोरियों को छिपाने की कोशिश कर रहा है।
ट्रंप के दावों का खंडन
डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर यह दावा किया था कि ईरान और कुछ पश्चिम एशियाई देशों ने अमेरिका से सैन्य कार्रवाई रोकने का अनुरोध किया था। उन्होंने यह भी कहा कि एक संभावित समझौते के तहत होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने पर सहमति बनी, जिसके चलते उन्होंने हमले को टालने का निर्णय लिया।
हालांकि, ईरान ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। सरकारी और अर्ध-सरकारी मीडिया ने ट्रंप के बयान को पूरी तरह गलत बताते हुए कहा कि ऐसा कोई समझौता नहीं हुआ है।
ईरानी मीडिया की प्रतिक्रिया
ईरान की समाचार एजेंसियों जैसे फार्स और मेहर ने ट्रंप पर तीखा हमला किया। रिपोर्टों में कहा गया कि अमेरिकी राष्ट्रपति कई बार कड़े बयानों के बाद पीछे हट चुके हैं। कुछ रिपोर्टों में ट्रंप की धमकियों को केवल राजनीतिक बयानबाजी करार दिया गया है।
ईरानी मीडिया ने यह भी कहा कि देश की सेना पूरी तरह सतर्क है और किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब देने के लिए तैयार है। उनका कहना है कि ईरान किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है।
हमले के पीछे हटने की वजह पर सवाल
ईरानी मीडिया ने पश्चिमी रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका के रक्षा संसाधनों और मिसाइल भंडार पर बढ़ते दबाव के कारण सैन्य कार्रवाई टाली गई। इन रिपोर्टों में कहा गया कि यह निर्णय किसी समझौते का परिणाम नहीं, बल्कि परिस्थितियों की मजबूरी हो सकता है।
साथ ही, ईरान ने ट्रंप के उस दावे को भी नकार दिया जिसमें होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने की बात कही गई थी। ईरानी सूत्रों के अनुसार, जब तक अमेरिका अपना रुख नहीं बदलता, तब तक इस मुद्दे पर कोई बदलाव संभव नहीं है।
