अमेरिका-ईरान वार्ता में जेडी वेंस का बयान: भारत-पाकिस्तान संबंधों पर नई चर्चा
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में अमेरिका-ईरान वार्ता के दौरान एक बयान दिया, जिसने भारत-पाकिस्तान संबंधों पर नई चर्चा को जन्म दिया। उन्होंने आसिम मुनीर की प्रशंसा की और कहा कि उनकी पत्नी भारतीय हैं। यह वार्ता तनाव के बीच हो रही है, जिसका उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम का समाधान निकालना है। वेंस ने कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में स्थायी शांति चाहता है। उनके बयान को भारत-पाकिस्तान के बीच संतुलन साधने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है।
| Jun 22, 2026, 11:45 IST
अमेरिका-ईरान वार्ता में जेडी वेंस का महत्वपूर्ण बयान
अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच चल रही वार्ता के दौरान एक ऐसा बयान दिया, जिसने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और भारत-पाकिस्तान के रिश्तों पर नई बहस को जन्म दिया है। वेंस ने पाकिस्तान के फील्ड मार्शल आसिम मुनीर और अपनी भारतीय पत्नी उषा वेंस का उल्लेख करते हुए कहा कि उनके जीवन में एक भारतीय और एक पाकिस्तानी व्यक्ति की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने मजाक में कहा कि उनकी पत्नी भारतीय हैं, जबकि पाकिस्तानी फील्ड मार्शल आसिम मुनीर हैं।
स्विट्जरलैंड के बुर्गेनस्टाक में लेक लुसर्न के किनारे स्थित एक भव्य रिसॉर्ट में अमेरिका और ईरान के बीच उच्चस्तरीय वार्ता चल रही है। इस दौरान, जेडी वेंस ने आसिम मुनीर की प्रशंसा की और कहा कि पिछले तीन महीनों में उन्होंने जितनी बातचीत किसी और से नहीं की, उससे अधिक बातचीत मुनीर से की है। वेंस ने कहा कि अगर मुनीर की कूटनीतिक समझ और नेतृत्व नहीं होता, तो यह वार्ता संभव नहीं हो पाती। उन्होंने मुनीर को एक महान सैन्य नेता और कुशल राजनयिक बताया।
यह वार्ता उस समय हो रही है जब अमेरिका और ईरान के बीच तनाव बढ़ा हुआ था। हाल ही में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था, जिसके बाद औपचारिक वार्ता शुरू की गई है। अमेरिका की ओर से जेडी वेंस के नेतृत्व में विशेष दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं, जबकि ईरान की ओर से विदेश मंत्री अब्बास अराघची और मुख्य वार्ताकार मोहम्मद बाघेर घालीबाफ प्रतिनिधित्व कर रहे हैं। इस वार्ता का मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम का समाधान निकालना, युद्ध जैसी स्थिति को समाप्त करना और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला बनाए रखना है।
जेडी वेंस ने इस बैठक को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि अमेरिका और ईरान के बीच इतनी उच्चस्तरीय वार्ता पहले कभी नहीं हुई। उन्होंने यह भी कहा कि अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या दोनों देश मध्य पूर्व में स्थायी शांति स्थापित कर सकते हैं या पुराने टकराव के दौर में लौट जाएंगे। वेंस ने यह भी कहा कि अमेरिका कूटनीति के माध्यम से मध्य पूर्व की अस्थिरता को समाप्त करना चाहता है ताकि क्षेत्र में शांति बनी रहे और तेल की आपूर्ति निर्बाध हो।
हालांकि, जेडी वेंस का बयान केवल अमेरिका-ईरान वार्ता तक सीमित नहीं रहा। इसे भारत और पाकिस्तान के बीच संतुलन साधने की कोशिश के रूप में भी देखा जा रहा है। हाल ही में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच फ्रांस में जी-7 सम्मेलन के दौरान मुलाकात हुई थी। यह मुलाकात करीब सोलह महीनों बाद हुई थी और इसका उद्देश्य दोनों देशों के संबंधों को फिर से मजबूत करना था। पिछले कुछ समय से अमेरिका और भारत के रिश्तों में तनाव देखा गया था, जिसका एक कारण ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए शुल्क और भारत की स्वतंत्र विदेश नीति थी।
इसके अलावा, ऑपरेशन सिंदूर को लेकर अमेरिकी नेताओं की कुछ टिप्पणियों को भारत में अनावश्यक माना गया था। ऐसे माहौल में ट्रंप और मोदी की मुलाकात को रिश्तों में नई शुरुआत के रूप में देखा गया। ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की जमकर तारीफ करते हुए उन्हें मजबूत नेता और दुनिया के सबसे प्रभावशाली नेताओं में से एक बताया।
इस पृष्ठभूमि में, जेडी वेंस का आसिम मुनीर की प्रशंसा करना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि अमेरिका एक ओर हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत के साथ रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करना चाहता है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय सुरक्षा और ईरान संकट जैसे मुद्दों पर पाकिस्तान के साथ अपने संबंध भी बनाए रखना चाहता है।
पिछले कुछ महीनों में, पाकिस्तान ने खुद को अमेरिका और ईरान के बीच संवाद स्थापित कराने वाले देश के रूप में पेश करने की कोशिश की है। अप्रैल में हुई पहली अमेरिका-ईरान शांति वार्ता, जो 21 घंटे बाद विफल हो गई थी, के दौरान भी जेडी वेंस ने पाकिस्तान की भूमिका की सराहना की थी। उन्होंने तब शहबाज शरीफ और आसिम मुनीर को शानदार मेजबान और कुशल राजनेता बताया था। वेंस ने यह भी कहा था कि वार्ता की विफलता के लिए पाकिस्तान जिम्मेदार नहीं था, बल्कि अमेरिका और ईरान के बीच दशकों पुराने अविश्वास ने बातचीत को पटरी से उतार दिया।
बहरहाल, ताजा बयान के बाद यह स्पष्ट संकेत मिल रहे हैं कि ट्रंप प्रशासन भारत के साथ संबंध सुधारने की कोशिशों के साथ-साथ पाकिस्तान की सैन्य नेतृत्व को भी क्षेत्रीय कूटनीति में महत्वपूर्ण मान रहा है। जेडी वेंस की टिप्पणियों ने यह दिखा दिया है कि दक्षिण एशिया की राजनीति और मध्य पूर्व की कूटनीति में पाकिस्तान अब भी अमेरिका के लिए एक अहम साझेदार बना हुआ है।
