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अमेरिका-ईरान वार्ता में तनाव: क्या है ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट?

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्च स्तरीय वार्ता बिना किसी ठोस नतीजे के समाप्त हुई। इस बैठक में ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट ने माहौल को बिगाड़ दिया, जिससे ईरानी प्रतिनिधिमंडल नाराज हो गया। जानें इस वार्ता के दौरान क्या हुआ और इसका वैश्विक बाजार पर क्या प्रभाव पड़ा।
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अमेरिका-ईरान वार्ता में तनाव: क्या है ट्रंप का सोशल मीडिया पोस्ट?

स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान की वार्ता


नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव को कम करने के लिए स्विट्जरलैंड में अमेरिका और ईरान के बीच हुई उच्च स्तरीय बैठक का पहला दौर बिना किसी ठोस परिणाम के समाप्त हुआ। हाल ही में दोनों देशों के बीच हुए अंतरिम समझौते के बाद इस वार्ता को चार महीने पुराने संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा था। हालांकि, यह बैठक तनावपूर्ण रही, जिसमें लेबनान के मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच गंभीर मतभेद सामने आए।


ईरान की शर्तें

इस महत्वपूर्ण वार्ता में अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व उपराष्ट्रपति जेडी वेंस कर रहे थे, जबकि ईरान की ओर से संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ और विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भाग लिया। मुख्य बैठक से पहले ईरानी प्रतिनिधिमंडल ने कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों से अलग-अलग चर्चा की।


ईरान का अमेरिका पर आरोप

ईरान ने स्पष्ट किया कि अमेरिका के साथ बातचीत की आगे की प्रगति इस बात पर निर्भर करेगी कि वाशिंगटन अंतरिम समझौते की शर्तों को कितनी गंभीरता से लागू करता है। ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया कि वह समझौते की पहली और सबसे महत्वपूर्ण शर्त, सभी मोर्चों पर सीजफायर को लागू करने में विफल रहा है, जिसका प्रमाण लेबनान में चल रही इजरायली सैन्य कार्रवाई है।


ट्रंप के सोशल मीडिया पोस्ट का असर

बैठक के दौरान, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट ने माहौल को बिगाड़ दिया। ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी कि वह लेबनान में अपने सहयोगी समूहों को नियंत्रित करे। इस बयान से ईरानी प्रतिनिधिमंडल नाराज हो गया और कुछ समय के लिए बैठक से बाहर चला गया।


उपराष्ट्रपति जेडी वेंस की प्रतिक्रिया

ईरानी संसद अध्यक्ष गालिबफ ने कहा कि अमेरिका को अपनी बयानबाजी में सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि ईरान की सेना किसी भी आक्रामक स्थिति का जवाब देने के लिए तैयार है। वहीं, उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस गतिरोध को सामान्य बताते हुए कहा कि कठिन कूटनीतिक वार्ताओं में ऐसे उतार-चढ़ाव आते रहते हैं। उन्होंने यह भी कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप ने संबंधों को सुधारने के लिए एक नए दृष्टिकोण के साथ आगे बढ़ने के निर्देश दिए हैं।


बैठक का परिणाम और बाजार पर प्रभाव

बैठक में तनाव इतना बढ़ गया कि ईरानी प्रतिनिधियों ने पारंपरिक हैंडशेक और संयुक्त तस्वीर खिंचवाने से मना कर दिया। इजराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि दक्षिणी लेबनान में इजराइली सेना की मौजूदगी बनी रहेगी। उन्होंने ट्रंप के साथ मतभेदों की बात स्वीकार की और कहा कि इजरायल एक संप्रभु राष्ट्र है। इस कूटनीतिक गतिरोध का असर वैश्विक बाजार पर भी पड़ा है, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़कर 81 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।