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अमेरिका-ईरान संघर्ष में बढ़ती तनाव की स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष एक गंभीर मोड़ पर पहुंच गया है। राष्ट्रपति ट्रंप की चेतावनी के बाद, अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले तेज कर दिए हैं। ईरान ने भी जवाबी हमले किए हैं, जिससे स्थिति और भी तनावपूर्ण हो गई है। जानें इस संघर्ष के पीछे की वजहें और इसके संभावित परिणाम क्या हो सकते हैं।
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संघर्ष का नया मोड़

अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा सैन्य संघर्ष अब एक गंभीर स्थिति में पहुंच चुका है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी के बाद, अमेरिकी वायुसेना ने शुक्रवार तड़के ईरान के बुनियादी ढांचे, विशेषकर पुलों पर हमले तेज कर दिए हैं। ट्रंप ने कहा था कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपनी पकड़ नहीं छोड़ी, तो उसके बुनियादी ढांचे को नष्ट कर दिया जाएगा। इसके जवाब में, ईरान ने पश्चिम एशिया में अमेरिका के सहयोगी देशों पर मिसाइल हमले किए और चेतावनी दी कि उनके हमले और भी बढ़ सकते हैं।


अमेरिकी हमले और ईरानी प्रतिक्रिया

अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड ने बताया कि शुक्रवार तड़के किए गए हवाई हमलों में कई ठिकानों को निशाना बनाया गया। यह लगातार छठी रात थी जब अमेरिका ने ईरान पर हवाई हमले किए। इस बीच, कतर ने ईरान के एक और हमले की आशंका के चलते लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी।


बहरीन में भी हवाई हमले के सायरन बजाए गए हैं। कतर, ईरान युद्ध को समाप्त करने के प्रयासों में पाकिस्तान के साथ मध्यस्थता कर रहा है, लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़ को लेकर वार्ता विफल रही है।


हमलों का सिलसिला

ईरान ने अमेरिका के हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत को भी निशाना बनाया। ईरानी सरकारी टेलीविजन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के होर्मोजगान प्रांत में पुलों पर हवाई हमले किए, जिनमें कम से कम सात लोगों की मौत हो गई। इन हमलों में खमीर शहर को भी निशाना बनाया गया।


पिछले महीने हुए अंतरिम युद्धविराम का अब कोई असर नहीं रह गया है, और अमेरिका तथा ईरान के बीच लगातार जवाबी हमले जारी हैं।


अमेरिका की स्थिति

राष्ट्रपति ट्रंप ने अमेरिकी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका युद्ध में मजबूत स्थिति में है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान में अमेरिका की जीत जल्द ही दिखाई देगी।


ईरानी सेना के प्रवक्ता ने चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमले जारी रखे, तो ईरान भी बड़े पैमाने पर जवाबी हमले कर सकता है।


आर्थिक प्रभाव

अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर नौसैनिक नाकेबंदी फिर से लागू कर दी है, जिससे ईरान के कच्चे तेल के निर्यात पर असर पड़ा है। हाल के आंकड़ों के अनुसार, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले मालवाहक जहाजों की आवाजाही में लगभग एक-चौथाई की गिरावट आई है।