अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता तनाव: खाड़ी क्षेत्र में संघर्ष की नई लहर
संघर्ष की गंभीरता में वृद्धि
नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब और भी गंभीर होता जा रहा है। दोनों देशों के बीच मिसाइल और ड्रोन हमलों की संख्या में तेजी आई है। यह टकराव अब केवल दो देशों तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र को प्रभावित कर रहा है।
अमेरिका का दबाव और ईरान की प्रतिक्रिया
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर लगातार दबाव बनाए हुए है। वहीं, ईरान ने कई देशों में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया है।
अमेरिकी हवाई हमलों की शुरुआत
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ नई हवाई हमले शुरू किए हैं। इन हमलों में ईरान के मिसाइल सिस्टम, हवाई रक्षा ठिकानों और रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) की स्पीडबोट्स को निशाना बनाया गया है।
अमेरिकी सेना ने एक क्रूज मिसाइल और एक आत्मघाती ड्रोन को भी हवा में ही नष्ट करने का दावा किया है। ट्रंप ने मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिकी सेना ईरान के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और उसे भारी नुकसान पहुंचाया जा रहा है।
ईरान में धमाकों की घटनाएं
अमेरिकी हमलों के बाद, बंदर अब्बास, केशम द्वीप, जास्क, सिरीक और बुशहर जैसे क्षेत्रों में धमाकों की खबरें आई हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, अधिकांश हमले सैन्य ठिकानों पर हुए हैं।
ईरानी मीडिया के अनुसार, होर्मोज्गान क्षेत्र में एक मेंटेनेंस कर्मचारी की मौत हुई और दो अन्य घायल हो गए। इसके अलावा, मशहर शहर के एक वॉटर पंपिंग स्टेशन पर हुए हमले में एक व्यक्ति की जान गई, जबकि चार लोग घायल हुए हैं।
खाड़ी देशों में संघर्ष का विस्तार
अमेरिकी कार्रवाई के जवाब में, ईरान ने जॉर्डन, कुवैत, ओमान और कतर में अमेरिका से जुड़े सैन्य ठिकानों पर रॉकेट और ड्रोन हमले करने का दावा किया है। कुवैत ने सीमा चौकियों और एक तेल प्लेटफॉर्म को नुकसान पहुंचने की पुष्टि की है, जबकि कतर में मिसाइल का मलबा गिरने से एक बच्चे सहित तीन लोग घायल हुए हैं।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज का विवाद
इस संघर्ष का मुख्य केंद्र एक बार फिर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बन गया है। ईरान ने कहा है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य गतिविधियों के कारण इस समुद्री मार्ग से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगाई जाएगी। हालांकि, अमेरिका ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि समुद्री रास्ता खुला है और नौवहन की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उसकी सेना पूरी तरह तैयार है।
बढ़ते हमलों और जवाबी कार्रवाइयों ने पूरे मध्य पूर्व में तनाव को बढ़ा दिया है। यदि दोनों देशों के बीच स्थिति जल्द नहीं सुधरती है, तो इसका प्रभाव क्षेत्रीय सुरक्षा, वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर पड़ सकता है।
