अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हवाई हमले और पलटवार
अमेरिकी हवाई हमले और ईरान का जवाब
मंगलवार की सुबह, अमेरिका ने ईरान के सैन्य ठिकानों पर गंभीर हवाई हमले किए, जो कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुआ। यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य की नाकाबंदी को फिर से लागू करने के निर्णय के कुछ घंटों बाद की गई। ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए बहरीन और संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) से जुड़े दो तेल टैंकरों पर हमला किया, जिसमें एक नाविक की जान चली गई और आठ अन्य घायल हुए।
हमलों का उद्देश्य और ट्रंप का बयान
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पर बताया कि इन हवाई हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना है, ताकि वह होर्मुज जलडमरूमध्य में निर्दोष नागरिकों और वाणिज्यिक जहाजों को नुकसान न पहुंचा सके। ओवल ऑफिस में संवाददाताओं से बात करते हुए, ट्रंप ने कहा कि अमेरिका ईरान की आक्रामकता को समाप्त कर रहा है और जलडमरूमध्य पर फिर से नियंत्रण स्थापित कर रहा है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनकी सरकार अब इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों की सुरक्षा के लिए शुल्क लेने की योजना बना रही है।
ईरान के हमले और अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
ईरान ने यूएई के 'मोम्बासा' और 'अल बहियाह' नामक दो तेल टैंकरों पर मिसाइलें दागीं, जिससे उनमें आग लग गई। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, इस हमले में मारे गए नाविक की पहचान भारतीय नागरिक के रूप में हुई है, जबकि घायलों में छह भारतीय और दो यूक्रेनी नागरिक शामिल हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि ये जहाज बार-बार दी गई चेतावनियों की अनदेखी कर रहे थे।
बहरीन पर मिसाइल हमले और बाजार पर प्रभाव
अमेरिकी हमलों के जवाब में, ईरान ने बहरीन पर भी मिसाइलें दागीं, जिससे वहां सायरन बजने लगे और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी गई। हालांकि, बहरीन में किसी बड़े नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है। इन घटनाओं के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 84 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे वैश्विक महंगाई की आशंका बढ़ गई है। यूएई ने इस गंभीर उकसावे का जवाब देने और अपने क्षेत्र की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने की चेतावनी दी है।
