अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव: हमले और जवाबी कार्रवाई
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष की नई लहर
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से युद्ध की स्थिति उत्पन्न हो गई है। मंगलवार को अमेरिकी सेना ने 80 स्थानों पर हवाई हमले किए, जबकि बुधवार को यह संख्या बढ़कर 90 हो गई। ईरान ने कतर और बहरीन में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी हवाई हमले किए। अमेरिका ने चाबहार, बंदर अब्बास, बुशहर और सिरिक शहरों में बमबारी की। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले दो दिनों में 14 लोगों की मौत और 78 लोग घायल हुए हैं.
हमलों की पृष्ठभूमि
अमेरिका की हालिया बमबारी का कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में तीन जहाजों पर ईरान के हमले को बताया जा रहा है। ईरान का दावा है कि वह खाड़ी पर अपना नियंत्रण बनाए रखे हुए है। इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गनाइजेशन के अनुसार, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास लगभग 6,000 नाविक फंसे हुए हैं। अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर लिखा है कि अमेरिका ने ईरान के खिलाफ हमलों का एक नया दौर शुरू किया है, जिसका उद्देश्य वाणिज्यिक जहाजों और निर्दोष नागरिकों पर हमले की ईरान की क्षमता को कम करना है।
अमेरिकी हमलों का लक्ष्य
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि 8 जुलाई को ईरान के खिलाफ हमलों का एक और चरण पूरा किया गया। इसका उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल जहाजों और निर्दोष नागरिकों पर हमले की ईरान की क्षमता को और कम करना है। अमेरिकी सेना ने ईरान के तट के निकट लगभग 90 सैन्य ठिकानों पर हमले किए, जिनमें एयर डिफेंस सिस्टम, तटीय निगरानी उपकरण, मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थल, नौसैनिक क्षमताएं और सैन्य लॉजिस्टिक्स शामिल हैं।
ईरान की प्रतिक्रिया
अमेरिकी हमलों के जवाब में, ईरान ने कतर, कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य अड्डों को निशाना बनाया। बहरीन की राजधानी मनामा में एक रात में तीसरी बार धमाकों की आवाज सुनाई दी है। बहरीन के आंतरिक मंत्रालय ने पूरे खाड़ी क्षेत्र में चेतावनी सायरन बजाने की सूचना दी है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी है।
ईरान का आरोप
ईरान ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि उसने अपने हालिया हमलों में नागरिक बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है, जिसे वह युद्ध अपराध मानता है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा है कि वह दक्षिणी तटीय प्रांतों और पूर्वी प्रांतों में स्थित रेलवे मार्ग पर अमेरिकी हमलों की कड़ी निंदा करता है।
