अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव: हेलिकॉप्टर पर हमले के बाद की स्थिति
अमेरिका और ईरान के बीच संघर्ष
अमेरिकी राष्ट्रपति लगातार यह दावा कर रहे हैं कि बातचीत अपने अंतिम चरण में है और ईरान-इजरायल के बीच स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेकिन हाल ही में अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से टकराव हुआ है। एक हेलिकॉप्टर को गिराए जाने के बाद अमेरिका ने ईरान के कई शहरों पर एक साथ हमला किया है। इस हमले के बाद ईरान ने भी प्रतिशोध की चेतावनी दी है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सेना को निर्देश दिया है कि इस हमले का उचित जवाब दिया जाए। राहत की बात यह है कि जिस हेलिकॉप्टर पर हमला हुआ, उसमें सवार दोनों पायलट सुरक्षित हैं।
धमाकों की आवाजें और हमले का विवरण
हमले के बाद ईरान के कई क्षेत्रों में धमाकों की आवाजें सुनाई दी गई हैं। ईरानी मीडिया के अनुसार, बंदर अब्बास के अल्वा सिरीक, मिनाब और कोउहेस्तक जैसे स्थानों पर विस्फोट हुए हैं। अमेरिका ने बताया है कि उसने ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस राडार साइट्स को निशाना बनाया है। इस प्रकार की कार्रवाई से शांति वार्ता पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, खासकर जब ट्रंप इजरायल को लेबनान में हमले रोकने के लिए समझा रहे हैं।
विवाद की शुरुआत
अमेरिका ने मंगलवार को जानकारी दी कि उसका एक अपाचे A-64 हेलिकॉप्टर गिराया गया है। बाद में यह स्पष्ट हुआ कि दोनों पायलट सुरक्षित हैं, जिन्हें लगभग 2 घंटे तक समुद्र में रहना पड़ा। ईरानी विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने कहा है कि यदि कोई विदेशी ताकत उनके क्षेत्र में घुसेगी, तो उसे खतरा उठाना पड़ेगा।
अमेरिका की प्रतिक्रिया
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा है कि ईरानियों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में पेट्रोलिंग कर रहे उनके अपाचे हेलिकॉप्टर को गिराया। उन्होंने कहा कि पायलट सुरक्षित हैं, लेकिन अमेरिका को इस हमले का जवाब देना चाहिए। US सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने एक बयान में कहा है कि आत्मरक्षा के तहत ईरान के खिलाफ हमले शुरू किए गए हैं। CENTCOM ने बताया कि यह ऑपरेशन कमांडर इन चीफ की अनुमति से शुरू किया गया है।
हमले का विस्तार
CENTCOM ने एक और बयान में कहा है कि अमेरिकी एयर फोर्स और नेवी के फाइटर जेट्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास ईरानी एयर डिफेंस सिस्टम, ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और सर्विलांस राडार साइट्स पर हमला किया है। यह हमला अमेरिकी सेना और समुद्र से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों पर हुए हमले के जवाब में किया गया है। अमेरिका ने आगे भी ऐसी कार्रवाई के लिए अपनी तत्परता जताई है।
