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अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ता तनाव

पश्चिम एशिया में अमेरिका और ईरान के बीच होर्मुज स्ट्रेट पर स्थिति बिगड़ती जा रही है। ट्रंप ने ईरान के खिलाफ नाकेबंदी की घोषणा की है, जिससे कूटनीतिक प्रयासों पर संकट आ गया है। जानें इस तनाव के पीछे की वजह और ट्रंप के बयान के बारे में।
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पश्चिम एशिया में स्थिति बिगड़ती जा रही है

पश्चिम एशिया में हालात एक बार फिर से गंभीर हो गए हैं। पिछले कुछ दिनों में ईरान पर हुए हमलों के बाद, सोमवार को अमेरिका और ईरान ने यह दावा किया कि होर्मुज स्ट्रेट पर उनका नियंत्रण है। इस घटनाक्रम ने युद्ध समाप्त करने के लिए चल रही कूटनीतिक प्रयासों को भी संकट में डाल दिया है.


ट्रंप का बड़ा बयान

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज स्ट्रेट के संदर्भ में एक महत्वपूर्ण घोषणा की है। उन्होंने अपने ट्रुथ सोशल पर बताया कि अमेरिका ईरान के खिलाफ इस क्षेत्र में नाकेबंदी को फिर से लागू कर रहा है और जहाजों से सुरक्षित आवाजाही के लिए शुल्क लिया जाएगा.


सोशल मीडिया पर ट्रंप की घोषणा

ट्रंप ने यह घोषणा उस समय की जब अमेरिका और ईरान के बीच हालिया हमलों की स्थिति बनी हुई थी। फरवरी में युद्ध शुरू होने के बाद, ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट पर नियंत्रण स्थापित किया था, जो वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति का लगभग 20% हिस्सा है.


ट्रंप का बयान

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा, 'होर्मुज स्ट्रेट खुला है और यह ईरान के साथ या उसके बिना भी खुला रहेगा। हम ईरानी नाकाबंदी को फिर से लागू कर रहे हैं, जिसका उद्देश्य केवल ईरान के जहाजों को रोकना है। अन्य सभी देशों को इस मार्ग का सही और खुला उपयोग करने की अनुमति होगी.'


'होर्मुज स्ट्रेट का रखवाला'

उन्होंने आगे कहा, 'अमेरिका को अब से 'होर्मुज स्ट्रेट का रखवाला' कहा जाएगा। लेकिन इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए आवश्यक सभी खर्चों के लिए भेजे गए सभी कार्गो पर 20% की दर से प्रतिपूर्ति की जाएगी. यह प्रक्रिया तुरंत शुरू होगी.'


तनाव की बढ़ती स्थिति

रविवार को तनाव उस समय और बढ़ गया जब ईरान ने ओमान के तट के पास होर्मुज स्ट्रेट में एक कंटेनर जहाज पर हमला किया। इस हमले ने यह स्पष्ट कर दिया कि इस समुद्री मार्ग का मुद्दा दोनों देशों के बीच वार्ता का सबसे बड़ा विवाद बना हुआ है, जहां कभी कच्चे तेल और प्राकृतिक गैस का लगभग 20% हिस्सा गुजरता था.