अमेरिका की ईरान में बमबारी: चाबहार और बंदर अब्बास पर हमले की जानकारी
अमेरिका की बमबारी का नया दौर
अमेरिका ने ईरान में अपने हमलों की तीव्रता बढ़ा दी है, जिसमें बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया जा रहा है। लगातार छठे दिन, अमेरिकी सेना ने ईरान के विभिन्न क्षेत्रों में बमबारी की, जिसमें बंदर अब्बास और चाबहार सबसे अधिक प्रभावित हुए। चाबहार में यह तीसरी बार है जब अमेरिका ने हमला किया, और यहां के समुद्री नियंत्रण टावर को पूरी तरह से नष्ट कर दिया गया।
चाबहार का समुद्री नियंत्रण टावर
अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चाबहार के नियंत्रण टावर की तस्वीर साझा की, जिसमें यह मलबे में तब्दील दिखाई दे रहा है। भारत ने इस बंदरगाह में काफी निवेश किया था, और इसे ईरान के सहयोग से विकसित किया जा रहा था। हाल के संघर्षों में, अमेरिकी सेना ने बार-बार चाबहार पोर्ट को अपने हमलों का लक्ष्य बनाया है। ईरान का कहना है कि यह टावर वाणिज्यिक यातायात की निगरानी के लिए महत्वपूर्ण था।
हमलों का विस्तार
चाबहार के अलावा, अमेरिकी सेना ने होर्मोजगान प्रांत में पांच पुलों को भी नष्ट कर दिया है। इनमें बंदर अब्बास-खामिर-लार मार्ग पर गेरिवेह पुल और अन्य पुल शामिल हैं। बंदर खामिर पुल पर हुए हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
ईरानी मीडिया के अनुसार, अमेरिकी बमबारी में आठ लोगों की मौत हुई है और 20 अन्य घायल हुए हैं। सभी मौतें होर्मोजगान प्रांत में हुई हैं।
धमाकों की आवाजें
हमलों की आवाजें खुजेस्तान, सिस्तान और बलूचिस्तान तथा लोरेस्तान प्रांतों में सुनी गईं। ईरानशहर एयरपोर्ट के पास भी कई धमाकों की आवाजें सुनाई दीं, और लोगों ने धुएं का गुबार देखा।
बंदर अब्बास में बुनियादी ढांचे पर हमला
हालिया बमबारी में अमेरिका ने बंदर अब्बास में एक रेल जंक्शन और बिजली लाइनों को भी निशाना बनाया। इसके परिणामस्वरूप, ईरान ने बंदर अब्बास रेलवे स्टेशन को बंद कर दिया है और कई ट्रेनों के मार्ग में बदलाव किया गया है। ईरानी मीडिया के अनुसार, यह जंक्शन बंदर अब्बास शहर से लगभग 10 किमी दूर है।
बिजली लाइनों पर हमले के कारण दक्षिणी ईरान में ऊर्जा संकट उत्पन्न हो गया है। ईरान की सरकार ने नागरिकों से बिजली बचाने और पीक टाइम में एक घंटे के लिए एसी बंद करने की अपील की है।
