अमेरिका के मिडटर्म चुनाव: क्या डेमोक्रेट्स की 'ब्लू वेव' बदल देगी सत्ता का समीकरण?
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव की तैयारी
नई दिल्ली: अमेरिका में 3 नवंबर को होने वाले मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए एक महत्वपूर्ण चुनौती बन गए हैं। वर्तमान में सीनेट में रिपब्लिकन पार्टी को 53-47 की मामूली बढ़त प्राप्त है। यदि 3 से 4 सीटें भी उनके हाथ से निकल गईं, तो सत्ता का संतुलन प्रभावित हो सकता है। महंगाई, पेट्रोल और डीजल की बढ़ती कीमतों और ईरान युद्ध के प्रति असंतोष के बीच, कई राज्यों में डेमोक्रेट्स की 'ब्लू वेव' की चर्चा हो रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस बार 6 सीटों पर मुकाबला बेहद करीबी है, जो वर्षों से रिपब्लिकन का गढ़ रही हैं, लेकिन इस बार परिस्थितियाँ बदल चुकी हैं।
टेक्सास और आयोवा में कड़ा मुकाबला
टेक्सास, जो 1988 से रिपब्लिकन का सबसे सुरक्षित किला माना जाता है, इस बार डेमोक्रेट जेम्स टैलारिको और रिपब्लिकन केन पैक्सटन के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिल रहा है। पैक्सटन इस समय दुबई में पार्टी और निजी विवादों में फंसे हुए हैं। वहीं, आयोवा में डेमोक्रेट्स ने 2012 से जीत नहीं हासिल की है, लेकिन ट्रंप के टैरिफ और खाद-डीजल की कीमतों से किसान नाराज हैं। यहां जोश ट्यूरेक और एशले हिनसन के बीच 47-46 फीसदी का करीबी मुकाबला चल रहा है।
अलास्का और कैनसस में चुनौतियाँ
अलास्का में डेमोक्रेट्स ने पिछले 30 वर्षों में केवल एक बार जीत हासिल की है, लेकिन मैरी पेल्टोला ने सीनेटर डैन सुलिवन को चुनौती दी है। बैलेट पर एक और 'डैन सुलिवन' नाम होने से वोट बंटने का खतरा उत्पन्न हो गया है। कैनसस, जो 94 वर्षों से रिपब्लिकन का गढ़ है, में सीनेटर रोजर मार्शल पर मरीजों से बकाया वसूली के लिए सैकड़ों मामलों के आरोपों के चलते जनाक्रोश बढ़ रहा है।
मिसिसिपी और नेब्रास्का में चुनावी हलचल
मिसिसिपी अचानक एक हॉट-सीट बन गया है, जहां सिंडी हाइड-स्मिथ अपने विवादित बयानों के कारण घिरी हुई हैं और स्कॉट कोलम उन्हें चुनौती दे रहे हैं। वहीं, नेब्रास्का में निर्दलीय डैन ओसबॉर्न ने सीनेटर पीट रिकेट्स की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सर्वेक्षणों में पेशेवर मैकेनिक ओसबॉर्न को जीत के करीब बताया जा रहा है।
