अमेरिका के मिडटर्म चुनाव: भारतीय मूल की पिया डंडिया ने जीती सीट, विवेक रामास्वामी को मिली हार
पिया डंडिया की जीत
नई दिल्ली: अमेरिका में 3 नवंबर को हुए मिडटर्म चुनावों में भारतीय मूल के उम्मीदवारों पर सभी की नजरें थीं। फ्लोरिडा से डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार पिया डंडिया ने चुनाव जीत लिया है, जबकि ओहियो में गवर्नर पद के लिए खड़े विवेक रामास्वामी को हार का सामना करना पड़ा। पिया ने फ्लोरिडा के 22वें कांग्रेसनल डिस्ट्रिक्ट से जीत हासिल की है, जैसा कि Decision Desk HQ ने बताया है।
रिपोर्ट के अनुसार, जब लगभग 94% वोटों की गिनती हुई, तब पिया को 52.2% वोट मिले, जबकि उनके रिपब्लिकन प्रतिद्वंद्वी केसी अस्कर को 47.8% वोट मिले। यह सीट रेडिस्ट्रिक्टिंग के बाद खुली थी, जिसका मतलब है कि यहां कोई मौजूदा सांसद चुनाव में नहीं था। पिया पेशे से एक पूर्व स्कूल प्रिंसिपल हैं, और उनकी जीत को भारतीय समुदाय के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है।
विवेक रामास्वामी की हार
ओहियो में गवर्नर रेस: डेमोक्रेटिक उम्मीदवार एमी एक्टन ने विवेक रामास्वामी को हराया। रामास्वामी को पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त था। यह हार रिपब्लिकन पार्टी के लिए ओहियो में एक बड़ा झटका है, जहां पहले उनका गवर्नर था।
अमिश शाह और नित्या रमन पर सस्पेंस
एरिजोना में अमिश शाह: अमिश शाह हाउस ऑफ रिप्रेजेंटेटिव्स के लिए चुनाव लड़ रहे हैं, जहां उनका मुकाबला रिपब्लिकन जे फीली से है। यह सीट टॉस-अप मानी जा रही थी और 4 नवंबर की सुबह तक परिणाम नहीं आया था। वहीं, लॉस एंजेल्स के मेयर पद पर भारतीय मूल की नित्या रमन का मुकाबला मौजूदा मेयर कैरेन बास से है। प्री-पोल में दोनों को 40-40% समर्थन मिला था, लेकिन अंतिम परिणाम अभी आना बाकी है।
न्यूयॉर्क में सरिता कोमारेड्डी: न्यूयॉर्क अटॉर्नी जनरल की रेस में सरिता कोमारेड्डी का मुकाबला मौजूदा अटॉर्नी जनरल लेटिटिया जेम्स से है। सर्वे में जेम्स को बढ़त मिली थी, लेकिन मतगणना अभी जारी है।
मिडटर्म चुनाव का महत्व
अमेरिका में मिडटर्म चुनाव: अमेरिका में राष्ट्रपति का कार्यकाल चार साल का होता है, और बीच में होने वाले चुनाव को मिडटर्म कहा जाता है। इस चुनाव में हाउस की 435 सीटों और सीनेट की 35 सीटों पर मतदान हुआ। वर्तमान में हाउस में बहुमत के लिए 218 सीटों की आवश्यकता है, जबकि रिपब्लिकन के पास 219 सीटें हैं। यदि रिपब्लिकन एक भी सदन में बहुमत खो देते हैं, तो ट्रंप के लिए कानून पारित कराना कठिन हो जाएगा। इसलिए, यह चुनाव ट्रंप प्रशासन के लिए एक महत्वपूर्ण परीक्षा माना जा रहा है।
