अमेरिका ने ईरान पर हमले किए, होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ा
अमेरिका का जवाबी हमला
अमेरिका ने होर्मुज जलडमरूमध्य में एक मालवाहक पोत पर हुए ड्रोन हमले के जवाब में शुक्रवार को ईरान पर हमले किए। यह कार्रवाई दोनों देशों के बीच चल रहे संघर्ष को समाप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो पिछले सप्ताह एक अंतरिम सहमति के बाद की गई है। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस ड्रोन हमले को युद्धविराम का उल्लंघन बताया।
ट्रंप का बयान
ट्रंप ने पत्रकारों से कहा कि अमेरिका की प्रतिक्रिया का पता जल्द ही चल जाएगा। यूएस सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी कि अमेरिकी सेना ने ईरान में मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार केंद्रों को निशाना बनाया। ट्रंप ने व्हाइट हाउस में कहा, "मुझे यह पसंद नहीं आया कि उन्होंने कल हमला किया। वास्तव में, उन्होंने चार हमले किए।"
ईरान का जवाब
ईरानी संसद के राष्ट्रीय सुरक्षा आयोग के प्रमुख इब्राहिम अजीजी ने ट्रंप के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य ईरान के नियंत्रण में है और नियमों का सम्मान किया जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यह युद्धविराम का उल्लंघन नहीं, बल्कि युद्धविराम का प्रबंधन है।
ब्रिटिश सेना की चेतावनी
ब्रिटिश सेना ने बताया कि ओमान के तट के पास एक कंटेनर पोत किसी प्रक्षेपास्त्र की चपेट में आया। यह घटना ईरान द्वारा चेतावनी दिए जाने के कुछ घंटे बाद हुई कि पोतों को इस मार्ग का उपयोग नहीं करना चाहिए। ब्रिटेन के समुद्री व्यापार संचालन केंद्र ने कहा कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ। यह घटनाक्रम उस समय हुआ है जब अमेरिका और ईरान युद्ध को स्थायी रूप से समाप्त करने के लिए बातचीत कर रहे हैं।
